hajipur news. अनियमितता, रिश्वतखोरी व भ्रष्ट आचरण की शिकायत के लिए जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन कराने के लिए जिला प्रशासन काफी मुस्तैदी बरत रहा है, समय-समय पर भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है

हाजीपुर. राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन कराने के लिए जिला प्रशासन काफी मुस्तैदी बरत रहा है. समय-समय पर भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है. इसके बावजूद राजस्व व अन्य विकास योजनाओं में अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिल रही है. इस पर सख्ती से रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जन-जागरूकता बढ़ाने और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003456616 जारी किया है. यह हेल्पलाइन नंबर जिला निगरानी कोषांग, वैशाली के माध्यम से जारी किया गया है.

इस हेल्पलाइन नंबर पर आम लोग अब सीधे भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. किसी भी तरह की अनियमितता, रिश्वतखोरी व भ्रष्ट आचरण की जानकारी इस नंबर पर साझा की जा सकती है. शिकायत दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और संबंधित आरोप की जानकारी हेल्पलाइन पर देनी होगी, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके. प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य न केवल भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करना है, बल्कि लोगों को यह भरोसा भी दिलाना है कि प्रशासन उनके साथ है और वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं.

कई बिचौलियों के खिलाफ दर्ज हो चुकी हैं प्राथमिकियां

जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में सक्रिय बिचौलियों के विरुद्ध जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है. बीते 26 मार्च को लालगंज के रेपुरा में सदर एसडीओ के नेतृत्व में की गयी छापेमारी में एक मकान से तीन लाख आठ हजार रुपये नकद, भूमि से संबंधित कई दस्तावेज, अंचल कार्यालय से जुड़े कागजात, लैपटॉप और कई मोबाइल बरामद किये गये थे. मोबाइल में भूमि से संबंधित डीड, दस्तावेज और चैटिंग मिली थी. इस मामले में तीन आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था.

वहीं, 27 मार्च को महनार एसडीओ ने चांदपुरा थाना पुलिस के साथ चैनपुर नन्हाकार गांव में एक बिचौलिया के निजी कार्यालय पर छापेमारी की. वहां से भारी मात्रा में सरकारी कागजात बरामद हुए, जिनमें नया-पुराना केवाला, परिमार्जन से संबंधित दस्तावेज, क्षतिग्रस्त पंजी, सर्वे अभिलेख, दाखिल-खारिज वाद संख्या से जुड़े कागजात और मूल आवेदन पंजी शामिल थे. जांच में एक राजस्व कर्मचारी की संलिप्तता भी सामने आयी थी. वहीं, बीते 7 अप्रैल को विजिलेंस की टीम ने बिदुपुर अंचल के डाटा इंट्री ऑपरेटर को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था.

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Author: GANGESH GUNJAN

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