Mahua Kanwar Yatra : हाजीपुर के महुआ से सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा बटेश्वरनाथ के लिए निकली विशाल कांवर यात्रा में 51 हजार से अधिक शिवभक्तों के शामिल होने का दावा किया गया. सोमवार सुबह करीब 4 बजे काली घाट मंदिर से शुरू हुई यात्रा में श्रद्धालुओं ने बाया नदी में जलभरी की और 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की. ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से महुआ-देसरी मार्ग घंटों भक्तिमय बना रहा.
सुबह चार बजे काली घाट से शुरू हुई यात्रा
महुआ से बाबा बटेश्वरनाथ के लिए हिन्दू कांवर यात्रा सोमवार अहले सुबह करीब 4 बजे काली घाट मंदिर से शुरू हुई. यात्रा का सिलसिला सुबह करीब 8 बजे तक जारी रहा. इस दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवर लेकर यात्रा में शामिल हुए.
बाया नदी में जलभरी के बाद निकले कांवरिए
कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बाया नदी में स्नान कर जलभरी की. इसके बाद कांवर में जल लेकर बाबा बटेश्वरनाथ के मंदिर की ओर 14 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा शुरू की. रास्ते भर श्रद्धालु ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगाते रहे.
51 हजार से ज्यादा शिवभक्तों के शामिल होने का दावा
हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश संयोजक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा में 51 हजार से अधिक शिवभक्तों के शामिल होने का दावा किया गया. बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने से महुआ-देसरी मार्ग पर कई घंटे तक भक्तों की भीड़ नजर आई.
जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविर
कांवरियों की सुविधा के लिए विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से दर्जनों जगहों पर सेवा शिविर लगाए गए. इन शिविरों में चाय, बिस्किट, नींबू, पानी, शरबत, दूध, दवा और फल आदि वितरित किए गए. लंबी दूरी तय कर रहे श्रद्धालुओं को रास्ते में इन शिविरों से राहत मिली.
बच्चों और महिला कांवरियों की रही बड़ी भागीदारी
इस बार की कांवर यात्रा में बच्चों और महिला कांवरियों की संख्या भी काफी दिखाई दी. बाया नदी से जलभरी करने के बाद महिलाएं और बच्चे भी ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए यात्रा में आगे बढ़ते रहे. कांवरियों की भीड़ से देसरी मार्ग घंटों भक्तिमय नारों से गूंजता रहा.
डीजे की धुन पर झूमते दिखे श्रद्धालु
कांवर यात्रा के दौरान डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए. कई महिलाएं गीतों पर नृत्य करते हुए यात्रा में आगे बढ़ीं. वहीं युवा और युवतियां मोबाइल फोन से तस्वीरें और सेल्फी लेते भी दिखाई दिए.
माता-पिता को कांवर में बैठाकर निकले पुत्र
यात्रा में श्रद्धा की एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली. महुआ के कुछ युवकों ने अपने वृद्ध माता-पिता को कांवर में बैठाकर बाबा बटेश्वरनाथ के दर्शन के लिए यात्रा की. श्रवण कुमार की परंपरा से प्रेरित इस यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जुटे.
साधु-संत भी यात्रा में हुए शामिल
करीब 16 वर्षों से निकाली जा रही इस कांवर यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में साधु-महात्माओं के शामिल होने की बात कही गई. विनोद कुमार यादव के साथ साधु-संत रथ पर सवार होकर कांवरियों के पीछे बाबा बटेश्वरनाथ की ओर रवाना हुए.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा सक्रिय
कांवर यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अनुमंडल प्रशासन की ओर से काली घाट से बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर तक सुरक्षा व्यवस्था की गई. मार्ग में मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी. अधिकारियों ने भीड़ और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी.
सड़क पर भ्रमणशील रहे अधिकारी
एसडीओ विवेक चंद्र पटेल और एसडीपीओ सह एएसपी संजीव कुमार के निर्देश पर बीडीओ सौरभ कुमार वर्णवाल, सीओ मनी कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष अरविंद प्रसाद, महुआ थाना पर्यवेक्षी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर रणवीर झा और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सोनू कुमार राय समेत अन्य अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहे.
चौक-चौराहों पर तैनात रहे पुलिस पदाधिकारी
सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश प्रसाद, कुमारी बबीता, प्रियंका कुमारी, गिरजेश कुमार, सोनू गुप्ता और राकेश कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी विभिन्न चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ तैनात रहे. प्रशासन की निगरानी में कांवर यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया गया.
14 किलोमीटर तक गूंजता रहा बोल बम
महुआ से बाबा बटेश्वरनाथ तक कांवरियों की लंबी कतार और लगातार हो रहे ‘बोल बम’ तथा ‘हर हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे मार्ग को शिवमय बना दिया. कांवर यात्रा में भक्ति, सेवा और सामाजिक भागीदारी की तस्वीर एक साथ देखने को मिली.
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