कटेया. कटेया प्रखंड की करकटहा पंचायत के मिश्रौली गांव में आयोजित सहस्र चंडी महायज्ञ का विधिवत समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ. समापन अवसर पर कथा पंडाल श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया. काशी से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य अनुराग कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने अपने भावपूर्ण प्रवचनों में सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, कलियुग का स्वरूप तथा भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का मार्मिक वर्णन किया. सुदामा-कृष्ण की निष्काम मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. कथा के अंतिम चरण में भगवान दत्तात्रेय द्वारा बताये गये 24 गुरुओं की प्रेरक कथा का श्रवण कराया गया, जिसके बाद सामूहिक नाम संकीर्तन हुआ. संकीर्तन के दौरान पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “हरि बोल” के जयघोष से गुंजायमान हो गया. बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने वृंदावन से आयी राज राजेश्वरी रासलीला मंडली द्वारा प्रस्तुत रासलीला का भी आनंद लिया. आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त शिक्षक चंद्रदेव मिश्र ने बताया कि 19 जनवरी से प्रारंभ यह महायज्ञ 27 जनवरी को काशी से पधारे आचार्य हरेंद्र द्विवेदी के सान्निध्य में पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ. उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समिति सदस्यों, ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
सहस्र चंडी महायज्ञ में भावपूर्ण कथाओं और संकीर्तन से गूंज उठा यज्ञ पंडाल
कटेया. कटेया प्रखंड की करकटहा पंचायत के मिश्रौली गांव में आयोजित सहस्र चंडी महायज्ञ का विधिवत समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ.
