Laxmi Nagar Waterlogging : गोपालगंज के मीरगंज नगर परिषद क्षेत्र की लक्ष्मी नगर कॉलोनी में जलभराव की समस्या को लेकर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. रात की बारिश के बाद वार्ड संख्या 21 की सड़क, गलियों और कई घरों के आसपास गंदा पानी जमा हो गया. परेशान दर्जनों लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार का घेराव कर हंगामा किया. लोगों ने तत्काल जलनिकासी, सफाई और स्थायी समाधान की मांग की.
बारिश के बाद और बिगड़ी स्थिति
लक्ष्मी नगर कॉलोनी में जलभराव की समस्या पहले से बनी हुई थी. सोमवार रात हुई बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई. वार्ड संख्या 21 की सड़क और गलियों में पानी जमा होने के साथ कई घरों के आसपास भी गंदा पानी फैल गया.
नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर लोगों ने किया हंगामा
जलभराव से परेशान दर्जनों लोग सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे मीरगंज नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. आक्रोशित लोगों ने मुख्य द्वार पर हंगामा करते हुए जलनिकासी की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की. लोगों का कहना था कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो रहा है.
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि भी लोगों के साथ पहुंचे
वार्ड संख्या 21 के पार्षद पति और प्रतिनिधि मैनेजर सोनी भी लोगों के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब दो वर्षों से वार्ड में समुचित सफाई नहीं हुई है. उनका यह भी आरोप है कि इस अवधि में वार्ड में पर्याप्त सरकारी विकास कार्य नहीं कराए गए.
पूरे शहर का सीवरेज पानी वार्ड में आने का आरोप
मैनेजर सोनी ने आरोप लगाया कि पूरे मीरगंज शहर का सीवरेज का पानी वार्ड संख्या 21 में आकर जमा हो रहा है. उनका कहना है कि जलभराव की वजह से कई लोगों के घरों में पानी घुस चुका है. स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक वर्ष से कॉलोनी के लोग इस समस्या से परेशान हैं.
लोगों ने पूछा- नक्शा पास हुआ तो जलनिकासी की व्यवस्था क्यों नहीं
जलभराव को लेकर लोगों और नगर परिषद के बीच सवाल-जवाब भी हुए. स्थानीय लोगों का कहना था कि जब कॉलोनी में मकानों के नक्शे पास किए गए तो जलनिकासी की व्यवस्था पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया. लोगों ने सवाल उठाया कि नगर परिषद जब होल्डिंग टैक्स ले रहा है तो नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है.
नगर परिषद ने नाला निर्माण का दिया हवाला
नगर परिषद की ओर से बताया गया कि लक्ष्मी नगर में बुडको की ओर से नाला निर्माण प्रस्तावित है. नगर परिषद के अनुसार इस नाले के निर्माण में करीब दो वर्ष तक का समय लग सकता है. परिषद की ओर से यह भी कहा गया कि जमीन खरीदने से पहले जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर विचार किया जाना चाहिए था.
हाईकोर्ट के मामले को लेकर भी सामने आया विवाद
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मैनेजर सोनी ने नगर परिषद में कथित घोटाले से जुड़े एक मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस दायर किए जाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि मामले की जांच चल रही है. उनके आरोप के अनुसार इसी वजह से जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
'केस नहीं उठेगा तो वार्ड में काम नहीं होगा' का आरोप
मैनेजर सोनी का आरोप है कि चेयरमैन और अधिकारियों की ओर से कहा जाता है कि जब तक हाईकोर्ट से मामला वापस नहीं उठाया जाता, तब तक वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं कराया जाएगा. हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नगर परिषद की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है.
लोगों के विरोध के बाद मौके पर पहुंची नगर परिषद की टीम
लोगों के आक्रोश के बाद नगर परिषद की टीम लक्ष्मी नगर पहुंची. चेयरमैन अनिता देवी के प्रतिनिधि अरुण केसरी, सिटी मैनेजर और अन्य कर्मियों ने जलभराव वाले इलाके का जायजा लिया. टीम ने मौके की स्थिति देखी और जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक इंतजाम कराने की बात कही.
लोगों को अब स्थायी समाधान का इंतजार
स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल अस्थायी तौर पर पानी निकालने के बजाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए. इसके साथ ही वार्ड में नियमित सफाई और जरूरी विकास कार्य शुरू कराने की मांग भी की गई है.
