साहित्य जगत में गोपालगंज की शुरू से ही अलग पहचान रही है. यहां की मिट्टी से निकले साहित्यकार और विद्वान अपनी प्रतिभा से साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में नयी पहचान बनाते रहे हैं. जिले के कटेया प्रखंड के रसौती गांव की मिट्टी ने एक बार फिर गोपालगंज को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है.
रसौती गांव निवासी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के वरिष्ठ आचार्य एवं अधिष्ठाता (डीन), छात्र कल्याण प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी को डॉ. गिरधारी लाल गोस्वामी संस्कृत गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
संस्कृत के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
संस्कृत भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रो. रंजन त्रिपाठी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया. उनकी इस उपलब्धि से गोपालगंज के विद्वानों, साहित्यकारों, प्राध्यापकों और शिक्षा प्रेमियों में खुशी की लहर है.
नई दिल्ली के श्री वेदव्यास गुरुकुल परिसर, वसंत कुंज में रविवार को आयोजित भव्य सारस्वत समारोह में प्रो. त्रिपाठी को यह सम्मान प्रदान किया गया. सम्मान के रूप में उन्हें प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न, अंगवस्त्र और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गयी.
अध्यापन और शोध में योगदान की हुई सराहना
समारोह के दौरान संस्कृत साहित्य, शोध, अध्यापन और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में प्रो. त्रिपाठी के दीर्घकालिक एवं विशिष्ट योगदान की सराहना की गयी.
समारोह में मौजूद विद्वानों ने कहा कि प्रो. त्रिपाठी ने अपने अध्यापन और शोध के माध्यम से संस्कृत भाषा की समृद्ध परंपरा को नयी पीढ़ी से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य किया है. उनकी विद्वत्ता और अकादमिक सक्रियता ने संस्कृत अध्ययन को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नयी पहचान दिलाने में योगदान किया है.
यह सम्मान अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन, नई दिल्ली की ओर से प्रदान किया गया.
समारोह में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में सम्मेलन के अध्यक्ष एवं श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय, महासचिव एवं दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री रमाकांत गोस्वामी, कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. कनुप्रिया गोस्वामी, संयुक्त महासचिव एवं दिल्ली बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आर. एन. वत्स तथा कोषाध्यक्ष पंडित हरिदत्त वशिष्ठ सहित साहित्य और अन्य क्षेत्रों की कई विभूतियां मौजूद रहीं.
सम्मेलन के मार्गदर्शक मंडल में परमाध्यक्ष, श्री जयराम संस्थाएं पूज्य ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. मुकुन्दकाम शर्मा तथा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही.
गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
रसौती जैसे छोटे गांव से निकलकर प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी ने दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में संस्कृत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है. राष्ट्रीय स्तर का सम्मान मिलने से कटेया सहित पूरे गोपालगंज जिले में खुशी का माहौल है.
प्रवक्ता विवेकानंद मिश्र, अशोक कुमार गिरि, टीएन राय, संजय कुमार अभय, अजीत दुबे सहित जिले के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और संस्कृत प्रेमियों ने प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी को बधाई दी है.
ग्रामीणों ने कहा कि रसौती जैसे छोटे गांव से निकलकर देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में संस्कृत के क्षेत्र में पहचान बनाना और राष्ट्रीय सम्मान हासिल करना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है.
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