गोपालगंज के फुलवरिया में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने मांगा चंदा, ईंट-मिट्टी से भरेंगे गड्ढे

सरकार के विकास के दावों के बीच फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार में सड़क व्यवस्था की पोल खुल गई है. बदहाल बथुआ-सेमरा मुख्य पथ की मरम्मत के लिए ग्रामीण चंदा जुटाने को मजबूर हैं. हर 10 मीटर पर जानलेवा गड्ढे, बारिश में सड़क का नाला बनना, और हर दिन हो रही दुर्घटनाओं ने ग्रामीणों को यह अनूठी पहल करने पर विवश कर दिया है.

Gopalganj Road Neglect: सरकार के विकास के दावों और जनप्रतिनिधियों के वादों के बीच फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार से एक ऐसी तस्वीर सामने आयी है, जो सड़क व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है. बथुआ-सेमरा मुख्य पथ की बदहाली से परेशान होकर गुरुवार की सुबह दर्जनभर ग्रामीण सड़क पर उतर आये. हाथों में रसीद लेकर ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत के लिए चंदा जुटाना शुरू कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगातार शिकायत के बावजूद सड़क की स्थिति नहीं सुधरी, तो अब वे खुद ही सड़क के गड्ढों को भरने का प्रयास करेंगे.

हर 10 मीटर पर जानलेवा गड्ढे, बारिश में सड़क बन जाती है नाला

बथुआ-सेमरा मुख्य मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है. ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. कई स्थानों पर स्थिति इतनी खराब है कि करीब हर 10 मीटर पर गड्ढे नजर आते हैं. बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और नाले के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है.

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण बाइक सवार और पैदल राहगीर सबसे अधिक परेशान हैं. रात के समय गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.

'रोज चार-पांच लोग गिरकर हो रहे घायल'

स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद अब्दुल करीम ने सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी आंखों के सामने रोजाना चार-पांच लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सड़क पर गिरने वाले लोगों की चीख-पुकार सुनकर चिंता होती है. उनके घर के सामने भी गहरा गड्ढा बना हुआ है.

अब्दुल करीम के अनुसार, अब घायल बाइक सवारों को उठाकर अस्पताल पहुंचाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार उम्मीद की गयी, लेकिन सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ. इसी मजबूरी में ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर गड्ढों में ईंट और मिट्टी डालने का फैसला किया है.

सड़क के लिए चंदा मांगते देख राहगीर भी रह गये हैरान

गुरुवार को जब ग्रामीण सड़क पर रसीद लेकर चंदा जुटाने निकले, तो वहां से गुजरने वाले राहगीर भी हैरान रह गये. लोगों के बीच यही चर्चा होती रही कि जिस सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की है, उसके लिए ग्रामीणों को चंदा क्यों जुटाना पड़ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय सड़क और विकास के वादे किये जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद सड़क की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है.

ग्रामीणों की पहल ने व्यवस्था पर खड़े किये सवाल

बथुआ-सेमरा मुख्य पथ के गड्ढों को भरने के लिए ग्रामीणों का चंदा जुटाना महज सड़क मरम्मत की कोशिश नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर सवाल भी खड़ा कर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद यदि सड़क की मरम्मत नहीं होती है, तो अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें खुद पहल करनी पड़ रही है.

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस पहल के बाद संबंधित विभाग सड़क की सुध लेता है या फिर बथुआ-सेमरा मुख्य पथ की बदहाली यूं ही बनी रहती है.


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By Prabhat khabar news desk

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