Gopalganj News: (विकास दुबे) पर्यावरण संरक्षण को लेकर गोपालगंज जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाया जाएगा. शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों में “प्लास्टिक मुक्त विद्यालय, प्लास्टिक मुक्त बिहार” अभियान संचालित करने का निर्देश जारी कर दिया है. विभागीय आदेश के बाद स्कूलों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने, छात्रों को जागरूक करने तथा स्कूल परिसर को स्वच्छ और हरित बनाने की तैयारी शुरू हो गई है.
बताया गया है कि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के तहत विद्यालयों में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. अभियान की रिपोर्ट जिला स्तर से बिहार निदेशालय को भेजी जाएगी. यह अभियान भारत स्काउट एवं गाइड, वैशाली तथा टाइड टर्नर प्लास्टिक चैलेंज के सहयोग से संचालित किया जाएगा.
स्कूलों में होगा प्लास्टिक उपयोग का ऑडिट
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्कूलों में इको क्लब और स्काउट्स एंड गाइड्स की टीम परिसर में उपयोग हो रहे प्लास्टिक का सर्वे करेगी. स्कूल कार्यालय, पुस्तकालय, कक्षाएं, कैंटीन, खेल परिसर और कार्यक्रमों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक सामान की पहचान की जाएगी. यह भी पता लगाया जाएगा कि स्कूल परिसर में सबसे अधिक प्लास्टिक किस माध्यम से पहुंच रहा है.
अलग-अलग रंग के लगाए जाएंगे डस्टबिन
स्कूलों में कचरे के पृथक्करण के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन लगाए जाएंगे. गीले कचरे के लिए हरा, सूखे कचरे के लिए पीला तथा खतरनाक कचरे के लिए लाल या काला डस्टबिन रखने का निर्देश दिया गया है. बच्चों को शुरुआत से ही कचरा अलग-अलग डालने की आदत सिखाई जाएगी.
प्लास्टिक बोतल और पॉलीथिन के उपयोग पर रहेगा जोरदार नियंत्रण
विद्यालयों में प्लास्टिक बोतल, डिस्पोजेबल कप-प्लेट, चम्मच, स्ट्रॉ, पॉलीथिन और थर्माकोल से बनी सजावटी सामग्री के उपयोग को हतोत्साहित किया जाएगा. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी कार्यक्रम या बैठक में डिस्पोजेबल सामग्री का इस्तेमाल न हो. इसके बदले स्टील, कांच या अन्य पुनः उपयोग योग्य सामग्री के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए.
बच्चों को किताबों पर प्लास्टिक कवर लगाने से भी मना किया जाएगा. इसके स्थान पर पुराने अखबार और पत्रिकाओं से किताबों को कवर करने की सलाह दी जाएगी. साथ ही घर से स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता लाने और प्लास्टिक पैकेट का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
बच्चों को दिलाई जाएगी पर्यावरण संरक्षण की शपथ
अभियान के तहत स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई जाएगी. बच्चे यह संकल्प लेंगे कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे, पानी और बिजली की बचत करेंगे तथा अपने आसपास सफाई बनाए रखेंगे. प्रत्येक छात्र को वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
विद्यालयों में भाषण, निबंध, चित्रकला और पर्यावरण आधारित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी. इसके साथ ही पौधारोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा. स्काउट्स एंड गाइड्स तथा इको क्लब की मदद से गांव और मोहल्लों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने की योजना बनाई गई है.
पुनर्चक्रण और जागरूकता पर रहेगा विशेष फोकस
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि परिसर में जमा प्लास्टिक कचरे को नियमित रूप से पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाए. बच्चों को यह भी बताया जाएगा कि प्लास्टिक कचरा खुले में फेंकने से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ता है.
अधिकारियों का कहना है कि यदि बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी तो इसका असर घर और समाज तक पहुंचेगा. यही वजह है कि बच्चों को “प्लास्टिक वॉरियर्स” के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है, ताकि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी प्लास्टिक उपयोग कम करने के लिए प्रेरित कर सकें.
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