Gopalganj News (सुरेश कुमार राय): भोरे प्रखंड के मोतीपुर एराजी और फुलवरिया प्रखंड के सेमरबारी गांव के बीच झरही नदी पर अमवां घाट पुल का निर्माण कार्य करीब साढ़े छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दोबारा शुरू हो गया है. वर्ष 2017 में शुरू हुई यह महत्वाकांक्षी परियोजना साल 2019 में बीच में ही अधूरी छोड़ दी गई थी. अब फरवरी 2026 से नए संवेदक (ठेकेदार) द्वारा काम शुरू कराए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों और राहगीरों की बड़ी चिंता दूर हो गई है.
काम बीच में ही छोड़कर फरार हो गई थी गुजरात की कंपनी
इस पुल के निर्माण की शुरुआत 21 जनवरी 2017 को 3 करोड़ 2 लाख 52 हजार 531 रुपये की प्राक्कलित राशि से हुई थी. इसका ठेका गुजरात के मेहसाणा की कंपनी ‘साई अंबे ऑर्गेनाइजर प्राइवेट लिमिटेड’ को मिला था. अगस्त 2019 तक कंपनी को 1 करोड़ 34 लाख 571 रुपये का भुगतान भी किया गया, लेकिन निर्धारित कार्य पूरा किए बिना ही कंपनी काम बीच में छोड़कर फरार हो गई थी, जिसके बाद से यह काम पूरी तरह ठप पड़ा था.
अब नई कंपनी को मिला जिम्मा, जुलाई में होगा उद्घाटन
अब इस अधूरी परियोजना को पूरा करने का जिम्मा ‘गोपालगंज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंपा गया है. शेष बचे कार्य को 1 करोड़ 66 लाख 14 हजार 276 रुपये की लागत से कराया जा रहा है. परियोजना अभियंता हामिद रज़ा ने बताया कि निर्माण कार्य बेहद तेजी से चल रहा है. आगामी 15 जुलाई 2026 तक पुल का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर इसका उद्घाटन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
पुल बनने से तीन प्रखंडों की जनता को होगा सीधा फायदा
यह पुल झरही नदी पर भोरे प्रखंड के पश्चिमी भाग (मोतीपुर एराजी) और फुलवरिया प्रखंड के पूर्वी भाग (सेमरबारी गांव) को सीधे जोड़ेगा. पुल के चालू होने से राहगीरों को भोरे-मीरगंज मुख्य मार्ग के अलावा एक नया वैकल्पिक सड़क मार्ग मिल जाएगा. इससे भोरे, फुलवरिया और विजयीपुर प्रखंड के लोगों को हथुआ अनुमंडल मुख्यालय आने-जाने में दूरी कम तय करनी पड़ेगी. इस मौके पर जदयू नेता अवध बिहारी सिंह, मुखिया मोहन सिंह और कमलेश सिंह सहित अनेक ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की है.
