Gopalganj News(संजय कुमार अभय): जिले में नोटों को डबल करने वाले एक ऐसे हाई-प्रोफाइल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को चौंका दिया है. इस काले धंधे के पीछे कोई छोटे-मोटे जालसाज नहीं, बल्कि समाज के तथाकथित सफेदपोश चेहरे हैं, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड के नेता, एक जिला पार्षद और एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर शामिल हैं.
गोपालगंज पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने जाल बिछाकर इस संगठित अपराध का भंडाफोड़ किया है, जिसका नेटवर्क पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लेकर पड़ोसी देश नेपाल तक फैला हुआ है.
सिंहासनी गांव में आधी रात को रेड, ₹95.27 लाख कैश और मशीनें जब्त
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह बड़ी कार्रवाई 14 मई की रात को बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सिंहासनी गांव में की गई. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में नोटों को रासायनिक प्रक्रिया से डबल करने के नाम पर बड़ी डील होने वाली है. पुलिस ने जब छापेमारी की, तो वहाँ से ₹95,27,000 (95.27 लाख रुपये) नगद, गोदरेज कंपनी की एक आसमानी रंग की नोट गिनने वाली मशीन, 5-5 लीटर के गैलन में भरा हुआ 25 लीटर रंगीन द्रवित रसायन, एक अन्य गैलन में 3 लीटर उजला रसायन और तीन कार्टन में भरकर रखे गए असली नोट के आकार के सफेद व काले रंग के कागज के बंडल बरामद किए गए. बता दें कि मौके से धंधेबाजों की एक काली स्कॉर्पियो और मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है.
पानापुर से नोट डबल कराने पहुंचे थे पिता-पुत्र
इस रैकेट के झांसे में आकर सारण (छपरा) जिले के पानापुर थाना अंतर्गत सतजोरा गांव निवासी नंदकिशोर राय और उनका बेटा सौरभ कुमार अपने एक रिश्तेदार कामेश्वर राय के बहकावे में आकर कुल ₹95.27 लाख की भारी-भरकम रकम लेकर सिंहासनी गांव पहुंचे थे. वे अपनी काली स्कॉर्पियो से पैसे डबल कराने आए थे, लेकिन रकम सौंपने से पहले ही पुलिस की रेड पड़ गई.
झांसे का जाल, जयसवाल होटल में ₹5 हजार के बदले दिए थे ₹10 हजार
इस रैकेट की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी. गम्हारी पंचायत के बलहां स्कूल के हेडमास्टर कामेश्वर राय और उनके दोस्त प्रदीप पुरी को फंसाने के लिए गिरोह के मुख्य सरगना कमाल खान, दिलशेर खान और जोहेब अंसारी ने जाल बुना था.
इन्होंने मोतिहारी के छतौनी चौक स्थित जयसवाल होटल में पहले इन लोगों को ₹5,000 के बदले ₹10,000 डबल करके दिए. जब इन लोगों ने वह पैसा बैंक में जमा किया और बैंक में जाली नोट नहीं पकड़ाया, तो इन्हें पूरा भरोसा हो गया कि यह गिरोह सच में नोट डबल कर सकता है. इसके बाद कइयों ने लाखों रुपये दांव पर लगा दिए.
₹10 लाख गंवाने के बाद ठगी का शिकार अमित खुद बन गया गैंग का हिस्सा
सोनवलिया के रहने वाले अमित कुमार ने पुलिस के सामने इस गिरोह के कई चौंकाने वाले राज खोले हैं. अमित ने स्वीकार किया कि लगभग एक साल पहले सफियाबाद के मो. कमाल खान, झाड़-फूंक करने वाले दिलशेर खान और कतालपुर के राजद नेता मो. जोहेब अली ने मुझसे नोट डबल करने के नाम पर ₹10 लाख ठग लिए थे. जब मैंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने मुझे ₹3 लाख लौटाए और कहा कि बाकी पैसे कमाने हैं तो हमारे साथ गैंग में शामिल हो जाओ. अपना पुराना डूबा हुआ पैसा निकालने के चक्कर में मैं भी इनके साथ मिलकर काम करने लगा.
अमित ने बताया कि नोट डबल करने का केमिकल और सारा सामान सफियाबाद में मो. मुन्ना खान के घर पर ही छिपाकर रखा जाता था.
फरार सफेदपोशों की तलाश में SIT की ताबड़तोड़ छापेमारी
इस गिरोह को बैकुंठपुर जिला परिषद क्षेत्र संख्या-32 के जिला पार्षद मो. अषफाक अंसारी उर्फ सुडू खान (निवासी कतालपुर), राजद नेता मो. जोहेब अली, जदयू नेता मुन्ना खान (स्व. जलील खान का पुत्र) और तंत्र-मंत्र व झाड़-फूंक की आड़ में ठगी करने वाले सफियाबाद निवासी दिलशेर खान व कमाल खान मिलकर चला रहे थे. इस मामले में इलाके के एक पूर्व विधायक का नाम भी जांच के दायरे में आया है. फिलहाल पुलिस की एसआईटी (SIT) इन फरार सफेदपोशों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
पुलिस ने इन 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
पुलिस ने मौके से इस धंधे में शामिल और ठगी के शिकार हुए 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जिनकी पहचान मो. फरहत हुसैन (आसनसोल, वर्द्धमान, पश्चिम बंगाल), फैसल आलम (खजुरिया, कोटवा, पूर्वी चंपारण), प्रदीप पुरी (सिंहासनी, बैकुंठपुर, गोपालगंज), अमित कुमार (सोनवलिया, गोपालगंज), सुदेश कुमार सुमन (बसाव, बसंतपुर, सीवान), कामेश्वर राय (स्व. बुधन राय का पुत्र, हेडमास्टर, बलहां स्कूल, सिधवलिया), नंदकिशोर राय (सतजोरा, पानापुर, सारण), सौरभ कुमार (नंदकिशोर राय का पुत्र, सारण) के रूप में की गई है.
