Gopalganj News : बंगाल व बिहार की नौ नाबालिग लड़कियों का किया गया रेस्क्यू, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर कार्रवाई

Gopalganj News : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने बुधवार की सुबह गोपालगंज जिले के महम्मदपुर और बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की, जहां से नौ नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया.

गोपालगंज. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने बुधवार की सुबह गोपालगंज जिले के महम्मदपुर और बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की, जहां से नौ नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया. इन लड़कियों से जबरन ऑर्केस्ट्रा में डांस करवाने के आरोप में दो ऑर्केस्ट्रा संचालकों को भी गिरफ्तार किया गया है.

मोबाइल फोन के अलावा कई सामग्री बरामद

गिरफ्तार आरोपितों में महम्मदपुर के अभय पटेल और भागलपुर की रेखा देवी शामिल हैं. पुलिस ने इनके पास से कई सामग्री, जिसमें मोबाइल फोन भी शामिल है, जब्त की है. इनकी जांच महिला थाने की पुलिस टीम कर रही है. रेस्क्यू टीम में गोपालगंज पुलिस के साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अवंतिका दिलीप कुमार, महिला थानाध्यक्ष अल्का कुमारी, दिल्ली से मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह, रेस्क्यू फाउंडेशन के जांच अधिकारी अक्षय पांडेय और नारायणी सेवा संस्थान के अखिलेंद्र सिंह शामिल थे. रेस्क्यू की गयी लड़कियों में सात पश्चिम बंगाल की और दो बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली हैं. पुलिस ने महिला थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और लड़कियों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जायेगा. इसके बाद सभी का सीवान स्थित एक सेल्टर होम में भेजा जायेगा.

पैसे के लालच में फंसाकर भेजा गया था ऑर्केस्ट्रा में

रेस्क्यू की गयीं लड़कियों ने पुलिस और रेस्क्यू टीम को इस मामले की पूरी जानकारी दी है. इन लड़कियों ने बताया कि उन्हें पैसे के लालच में फंसाकर ऑर्केस्ट्रा में भेजा गया था. विशेष रूप से, पश्चिम बंगाल की लड़कियों को सरकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का झांसा देकर बिहार बुलाया गया था, जहां उन्हें जबरन काम कराया जाता था. नारायणी सेवा संस्थान के अखिलेंद्र सिंह ने बताया कि इन नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा में भेजकर उनसे शारीरिक श्रम करवाया जाता था. इस मामले की जानकारी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को मिली थी, जिसके बाद गोपालगंज पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए इन लड़कियों को रेस्क्यू किया.

जबरन डांस करवाया जाता था, पैसा भी नहीं मिलता था

रेस्क्यू फाउंडेशन के जांच अधिकारी अक्षय पांडेय ने बताया कि इन नाबालिग लड़कियों से जबरन डांस करवाया जाता था, लेकिन बदले में उन्हें कोई पैसे नहीं दिए जाते थे. कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें महीनों से पैसे नहीं मिले हैं. पुलिस ने इन लड़कियों के बयान दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.

महिला आयोग की टीम ने दो दिनों तक की थी रेकी

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर दिल्ली से आये मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें 6 अप्रैल को इस मामले की जानकारी मिली थी. आयोग की सदस्य प्रियांग कानूनगो ने इसके बाद गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करने की सिफारिश की. 7 और 8 अप्रैल को एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें दिल्ली, बंगाल और बिहार के सामाजिक संगठनों के अधिकारी शामिल थे. टीम ने 7 और 8 अप्रैल तक इलाके की पूरी तरह से रेकी की और 9 अप्रैल की सुबह छापेमारी की, जिसमें यह रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा. गिरफ्तार संचालकों के पास से मिले मोबाइल फोन में कई वीडियो पाये गये हैं, जिनमें इन लड़कियों के साथ किये गये शोषण के साक्ष्य हो सकते हैं. इन वीडियो की जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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Author: GURUDUTT NATH

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