Fertilizer Distribution:जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और यूरिया की कालाबाजारी को लेकर बरौली विधायक मंजीत सिंह ने किसानों की समस्याओं को कृषि मंत्री विजय सिन्हा के सामने रखा है. पटना में बुधवार को उर्वरक संकट को लेकर कंपनियों के साथ सरकार की बैठक प्रस्तावित है. इससे किसानों को खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है.
विधायक ने कृषि मंत्री के समक्ष यूरिया और डीएपी की आपूर्ति एवं वितरण के दौरान किसानों और छोटे खाद विक्रेताओं को होने वाली परेशानियों की जानकारी दी. इस दौरान विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया.
यूरिया-डीएपी के साथ महंगे उत्पादों की जबरन बिक्री रोकने की मांग
विधायक ने यूरिया और डीएपी के साथ नैनो यूरिया, जिंक, सल्फर समेत अन्य महंगे उत्पादों की जबरन बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाना चाहिए और किसी भी अतिरिक्त उत्पाद को जबरन लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने यूपी, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की तर्ज पर उर्वरकों के साथ जबरन टैगिंग की व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग भी रखी.
रिटेल काउंटर तक खाद पहुंचाने की मांग
विधायक ने उर्वरक कंपनियों से एफओआर नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की. उनका कहना है कि कंपनियां खाद को सीधे रिटेल काउंटर तक पहुंचाएं, ताकि किसानों और छोटे खाद विक्रेताओं पर अतिरिक्त परिवहन खर्च और पल्लेदारी का आर्थिक बोझ नहीं पड़े.
उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आने से छोटे दुकानदारों को भी राहत मिलेगी और किसानों तक खाद पहुंचाने की प्रक्रिया आसान होगी.
हथुआ में रेक प्वाइंट बनाने की मांग
गोपालगंज में उर्वरक की आपूर्ति बेहतर करने के लिए विधायक ने हथुआ में रेक प्वाइंट बनाने की मांग की. उन्होंने हथुआ रेक प्वाइंट से जिले में शत-प्रतिशत उर्वरक की आपूर्ति कराने की मांग रखी.
विधायक के अनुसार, हथुआ में रेक प्वाइंट बनने से परिवहन लागत कम हो सकती है और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
पैक्स और खुदरा विक्रेताओं को समानुपातिक आवंटन की मांग
विधायक ने जिले के सभी पैक्स और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को समानुपातिक तरीके से खाद का आवंटन सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि किसी एक विक्रेता या संस्था को अधिक आवंटन मिलने से बाजार में एकाधिकार की स्थिति बन सकती है.
समानुपातिक आवंटन से खाद की उपलब्धता विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित रहेगी और कालाबाजारी पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
कृषि मंत्री ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
विधायक मंजीत सिंह ने बताया कि कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने उनकी ओर से रखी गयी सभी मांगों पर गंभीरता से संज्ञान लिया है. उन्होंने दोषी कंपनियों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
पटना में उर्वरक कंपनियों के साथ होने वाली बैठक को देखते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ी है. अब किसानों की नजर सरकार की ओर से बैठक के बाद लिये जाने वाले फैसलों पर है.
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