Electricity Connection Scam: बिजली कनेक्शन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से पैसे लेने और बाद में कनेक्शन को अवैध बताकर कार्रवाई करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि गांव के भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर पहले कनेक्शन के नाम पर राशि ली जाती है. इसके बाद लाइन जोड़ दी जाती है और कुछ दिनों बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ छापेमारी कर कनेक्शन काट दिया जाता है. कनेक्शन को वैध कराने और मामले को मैनेज करने के नाम पर मोटी रकम की मांग किये जाने का भी आरोप है.
मामला फुलवरिया थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी ऐनुल सिद्धिकी से जुड़ा है. पीड़ित ने इस संबंध में बिजली कंपनी के वरीय अधिकारियों से शिकायत की है. शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है.
फॉर्म हाउस खोलकर 13 परिवारों को दिया रोजगार
ऐनुल सिद्धिकी लंबे समय तक मुंबई में काम करते रहे. गांव लौटने के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों की बेरोजगारी को देखते हुए फॉर्म हाउस शुरू किया. यहां मुर्गी पालन, मछली पालन और गाय पालन का काम किया जा रहा है. उनका दावा है कि उनके फॉर्म हाउस से करीब 13 परिवारों को सीधे रोजगार मिल रहा है.
इसी दौरान सड़क पर पोल लगाने वाले एक ठेकेदार से बिजली कनेक्शन को लेकर उनकी बातचीत हुई. ठेकेदार ने बालेपुर निवासी आकाश कुमार से संपर्क करने की बात कही और भरोसा दिलाया कि वह कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी कराकर लाइन लगवा देगा.
29 जून को पे-फोन से दिये तीन हजार रुपये
पीड़ित के अनुसार, आकाश कुमार को कनेक्शन के नाम पर तीन हजार रुपये दिये गये. यह राशि 29 जून को पे-फोन के माध्यम से भुगतान की गयी. उस समय एक सप्ताह के भीतर कनेक्शन पास कराने की बात कही गयी थी.
लेकिन एक सप्ताह के बजाय कई महीने बीत गये. इसके बाद ऐनुल सिद्धिकी ने आकाश कुमार से संपर्क किया. आरोप है कि आकाश ने बताया कि कनेक्शन पास हो चुका है और तार खरीदकर रखने को कहा.
17 अगस्त को जोड़ दी गयी बिजली की लाइन
पीड़ित का आरोप है कि 17 अगस्त को आकाश कुमार आया और बिजली कनेक्शन जोड़ दिया. इसके दो दिन बाद बिजली कंपनी के जेई और ठेकेदार के साथ वहां पहुंचे और कनेक्शन को अवैध बताते हुए बिजली का तार काट दिया.
ऐनुल सिद्धिकी के अनुसार, इसके बाद कनेक्शन को लेकर 40 हजार रुपये की मांग की गयी. उन्होंने राशि देने से इनकार कर दिया. इसके बाद 21 अगस्त को श्रीपुर थाने में उनके खिलाफ कांड दर्ज करा दिया गया.
अब 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि मामले को मैनेज करने के नाम पर अब 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है. ऐनुल सिद्धिकी का कहना है कि उन्होंने कनेक्शन के लिए पहले ही तीन हजार रुपये का भुगतान किया था. इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा ही कनेक्शन जोड़ा गया. अब कनेक्शन को अवैध बताकर कार्रवाई किये जाने से वह परेशान हैं.
जांच के बाद होगी कार्रवाई : कार्यपालक अभियंता
मामले को लेकर बिजली कंपनी के कार्यपालक अभियंता इकबाल अंजुम ने कहा कि शिकायत गंभीर है. पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. जांच में यदि किसी स्तर पर अनियमितता या दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
