गोपालगंज में शिक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम सख्त, 9वीं से 12वीं तक लाइव क्लास अनिवार्य

डीएम समीर सौरभ ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं. विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऑनलाइन क्लास, नेतृत्व क्षमता विकास और खेलकूद पर भी जोर दिया गया.

Education Department Review: कलेक्ट्रेट के सभागार में गुरुवार को डीएम समीर सौरभ की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई. बैठक में विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के अनुशासन, आधारभूत सुविधाओं, नामांकन अभियान और डिजिटल शिक्षा समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गयी. डीएम ने अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा.

निर्धारित समय पर पूरा हो विद्यालय निर्माण कार्य

विद्यालय निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि संस्था की ओर से कराये जा रहे सभी विद्यालय निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे कराये जाएं. निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए.

जिले के 18 चयनित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया गया है. डीएम ने इन विद्यालयों में नामांकित सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. सभी प्रधानाध्यापकों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लाइव क्लास का नियमित और अनिवार्य संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया. विद्यालयों की आधारभूत संरचना को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया.

चार आदर्श विद्यालयों में जेइइ-नीट की तैयारी

जिले के चार आदर्श विद्यालयों में जेइइ और नीट की तैयारी करायी जा रही है. डीएम ने इच्छुक और योग्य विद्यार्थियों तक इस व्यवस्था का अधिकतम लाभ पहुंचाने तथा कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

आइसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के संचालन पर जोर

सभी आदर्श विद्यालयों में आइसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का सुचारू एवं नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया. डीएम ने कहा कि डिजिटल शिक्षा विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों को कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान प्राप्त करने तथा विद्यालय में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

विद्यार्थियों में विकसित होगी नेतृत्व क्षमता

सभी आदर्श विद्यालयों में प्रत्येक कक्षा के लिए नियमित अंतराल पर क्लास मॉनिटर का चयन करने का निर्देश दिया गया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है.

प्रतिदिन एक पीरियड खेलकूद के लिए

सभी मॉडल विद्यालयों में प्रतिदिन एक पीरियड खेलकूद के लिए निर्धारित करने का निर्देश दिया गया. विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए एथलेटिक्स, वॉलीबॉल और शॉटपुट आदि खेलों की आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया. डीएम ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में पढ़ाई के साथ खेलकूद की भी महत्वपूर्ण भूमिका है.

समीक्षा बैठक में शामिल शिक्षा विभाग के अधिकारी

बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं दुरुस्त रखने का निर्देश

सभी विद्यालयों में बिजली, पेयजल, स्वच्छता, फर्नीचर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और सामग्रियों का व्यवस्थित रख-रखाव तथा आवश्यकतानुसार उनका अधिष्ठापन कराने को भी कहा गया.

महज 10 दिनों में 5,823 नए नामांकन

समीक्षा के दौरान नामांकन की स्थिति की भी जानकारी ली गयी. बताया गया कि 10 अगस्त 2026 तक जिले में कुल 3,58,576 छात्र-छात्राओं का नामांकन कराया जा चुका है. पिछले 10 दिनों में 5,823 नए विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है. डीएम ने नामांकन अभियान में निरंतरता बनाए रखने तथा किसी भी पात्र बच्चे को विद्यालयी शिक्षा से वंचित नहीं रहने देने का निर्देश दिया.

कस्तूरबा विद्यालयों की चहारदीवारी का बनेगा डीपीआर

कस्तूरबा गांधी विद्यालय थावे, कटेया और भोरे में चहारदीवारी निर्माण की समीक्षा करते हुए डीएम ने कार्यपालक अभियंता को संबंधित प्रखंड के कनीय अभियंता के माध्यम से प्राक्कलन तैयार कराने का निर्देश दिया. साथ ही समन्वय समिति की बैठक में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा.

छात्राओं को अंग्रेजी बोलने का प्रशिक्षण

जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया. विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए जिले के अंग्रेजी शिक्षकों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने का पाठ्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया गया.

स्कूलों का नियमित निरीक्षण और निगरानी

डीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों में संचालित योजनाओं और गतिविधियों की नियमित निगरानी करने को कहा. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.

बैठक में डीडीसी गौरव कुमार, डीइओ अमरेंद्र कुमार पांडेय, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तथा सभी सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे.

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By संजय कुमार अभय

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