Ganesh Sthan Manjha: सोमवार की अहले सुबह जब भोर की पहली किरण भी ठीक से जमीन पर नहीं उतरी थी, तभी ऐतिहासिक गणेश स्थान मांझा परिसर भगवान श्री गणेश के जयकारों से गूंज उठा. भक्ति, आस्था और विश्वास का ऐसा दृश्य देखने को मिला, मानो श्रद्धा की अविरल धारा बह रही हो.
मंदिर प्रांगण में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी. पूरा क्षेत्र ‘जय गणेश देवा’ के जयकारों और भजनों से भक्तिमय हो गया. नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के दूर-दराज जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर विघ्नहर्ता भगवान गणेश के चरणों में शीश नवाया.
संतान की मंगल-कामना लेकर पहुंचीं महिलाएं
श्रद्धालु पूजा की थाली, जल, अक्षत और दूर्वा लेकर मंदिर पहुंचे. माताओं और बहनों ने प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर संतान की लंबी उम्र और उनके मंगल की कामना की.
सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का माहौल देखते ही बन रहा था.
भादो चतुर्थी पर जलाभिषेक का विशेष महत्व
मंदिर के पुजारियों के अनुसार गणेश पुराण में वर्णित इस पावन स्थल पर भादो मास की चतुर्थी के दिन जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. इसी मान्यता के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.
भोर से शुरू हुआ पूजा और जलाभिषेक का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा. श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान गणेश से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की.
भीड़ को देखते हुए प्रशासन रहा अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय युवाओं की टोली के साथ प्रशासन भी पूरी तरह चौकस रहा. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाये रखने के लिए निगरानी की गयी.
मेले में भी उमड़ी भीड़
मंदिर परिसर के बाहर लगे भव्य मेले में भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला. डिज्नीलैंड, विभिन्न प्रकार के झूले और हस्तशिल्प की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही.
भक्ति और मेले के इस अनूठे संगम से पूरा क्षेत्र गणेशमय नजर आया. सुबह से शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और भगवान गणेश के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय रहा.
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