Gopalganj News: जिले के कटेया प्रखंड स्थित जीए उच्च विद्यालय-सह-इंटर कॉलेज की बदहाली और छात्र-छात्राओं को हो रही भारी परेशानियों को लेकर शिक्षा विभाग सख्त एक्शन मोड में आ गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) अमरेंद्र कुमार पांडेय के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ (DPO) विनय कुमार सुमन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका (विशिष्ट शिक्षिका) रीमा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
विभागीय आदेश के अनुसार, विद्यालय में व्याप्त घोर कुव्यवस्था पर 8 अगस्त 2026 को पत्रांक 1012 के माध्यम से प्रभारी एचएम से स्पष्टीकरण मांगा गया था. निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्पष्टीकरण समर्पित न करने पर आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए निलंबन की यह कार्रवाई की गई है.
प्रथम दृष्टया इन गंभीर आरोपों में हुई कार्रवाई
शिक्षा विभाग की जांच में प्रभारी एचएम के खिलाफ निम्नलिखित आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए:
- विद्यालय का संचालन सुचारू व नियमानुसार न करना.
- शैक्षणिक अवधि के दौरान छात्र-छात्राओं के लिए बने सभी क्रियाशील शौचालयों में ताला बंद रखना.
- प्रशासनिक कार्यों में मनमानी, स्वेच्छाचारिता, घोर लापरवाही और कर्तव्यहीनता.
- विभागीय उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों व आदेशों की लगातार अवहेलना करना.
- बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के प्रतिकूल आचरण करना.
- विद्यालय में शैक्षणिक माहौल बाधित कर आरटीई (RTE) एक्ट के तहत बच्चों के अधिकारों का हनन करना.
पंचदेवरी बीआरसी बनाया गया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान प्रभारी एचएम रीमा कुमारी का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC), पंचदेवरी निर्धारित किया गया है. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में अलग से विस्तृत आरोप-पत्र (प्रपत्र 'क') गठित कर आगे की कठोर अनुशासनिक कार्रवाई जारी रखी जाएगी.
छात्राओं के लिए बंद शौचालय और पेयजल संकट था बड़ी मुसीबत
विद्यालय में छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था. स्कूल में पानी की टंकियों की टोटियां गायब थीं और पानी की आपूर्ति ठप थी. छात्राओं के लिए बने शौचालय पर हमेशा ताला लटका रहता था, जिससे छात्राओं को खुले में जाने के लिए विवश होना पड़ता था. वहीं, परिसर में बने शौचालय की टंकी खुली पड़ी थी, जिससे विद्यार्थियों के गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ था.
