गोपालगंज के बसडीला में राजस्व कर्मचारी ने फर्जी दस्तावेज पर कर दिया था जमाबंदी, डीएम ने पेंशन पर की कार्रवाई

Bihar News: गोपालगंज शहर के बसडीला में करोड़ों की जमीन, जिसका दखल कब्जा नहीं था, उनसे नाम जमाबंदी कर देने वाले संविदा के राजस्व कर्मचारी जयराम साह की पेंशन पर कार्रवाई शुरू हो गई. डीएम पवन कुमार सिन्हा ने जमाबंदी को कायम करने वाले राजस्व कर्मचारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है.

संजय कुमार अभय/ Bihar News: डीएम के गोपालगंज में योगदान करने के साथ ही करप्शन के खिलाफ तगड़ा वार शुरू हो गया है. डीएम के एक्शन से गलत करने वालों की नींद हराम हो गई है. आरोप है कि संविदा पर तैनात राजस्व कर्मचारी जयराम साह ने अपने निजी स्वार्थ में भू-माफियाओं के प्रभाव में आकर बसडीला में जिला परामर्श केंद्र के समीप दो बीघा जमीन की फर्जी दस्तावेज पर जमाबंदी कर दी. मामला जब सामने आया तो इसकी जांच कराई गई. जांच के बाद बिना दखल कब्जा वाले का जमाबंदी करने की पुष्टि हुई, उसके बाद से कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. उधर, डीएम ने एसएफसी के तत्कालीन जिला प्रबंधक कुमार कुंदन के खिलाफ सरकार में आरोप पत्र भेजने के साथ ही राजस्व कर्मचारी पर की गई कार्रवाई से गड़बड़ करने वालों की नींद उड़ गई है.

सीओ ने डीएम को भेजा था प्रपत्र क

अंचल अधिकारी, सदर के पत्रांक-2902 दिनांक-05 सितंबर 2024 द्वारा जयराम साह, राजस्व कर्मचारी (संविदा) सदर अंचल के विरुद्ध गठित आरोप प्रपत्र ‘क’ गठित कर डीएम को भेजा गया था. उस आधार पर इस जिला स्थापना शाखा के आदेश सं-217/2024, ज्ञापांक-1140/स्था, दिनांक-13 नवंबर 2024 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-17 (2) के आलोक में विभागीय कार्रवाई संचालित की गई है. डीएम के आदेश सं-98/2025 से आदेश जारी कर दिया है. जयराम साह, सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्रवाई को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) के तहत परिवर्तित किया गया है.

विभागीय कार्रवाई के बदले होना चाहिए संविदा रद्द

सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी जयराम साह 31 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हो गए. उसके बाद दिनांक-01 जनवरी 2024 से 02 (दो) वर्षों के लिए संविदा के आधार पर नियोजित हैं. कानूनविद वेद प्रकाश तिवारी की मानें तो विभागीय संकल्प सं 10000 दिनांक 15.7. 2015 से संविदाकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से संविदा को रद्द कर देना है. उस पर बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए. इस मामले में अब तक संविदा को रद्द नहीं करना करप्शन को और बढ़ावा देना माना जाएगा. सेवा में रहकर वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है.

एडीएम के रिपोर्ट के बाद भी कर रहे काम

राजस्व कर्मचारी के खिलाफ सीओ, डीसीएलआर, एडीएम के रिपोर्ट के बाद भी उसकी संविदा को रद्द नहीं किया जा सका. जिसपर अब गंभीर सवाल उठ रहा है. अब नये डीएम की ओर से कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है.

…और खारिज हो गया जमाबंदी

सदर अंचल के सीओ रजत वर्णवाल ने बताया कि राजस्व कर्मचारी जयराम साह के द्वारा जो जमाबंदी किया गया था वह एडीएम साहब की कोर्ट से रद्द हो गया. राजस्व कर्मचारी की ओर से किये गये गड़बड़ी की अभी विभागीय कार्रवाई चल रही.

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By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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