Gopalganj Bhore Headmaster Suspended : गोपालगंज के भोरे प्रखंड में शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और विभाग को कथित रूप से भ्रामक रिपोर्ट देने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. प्राथमिक विद्यालय बनकटा खास के प्रधानाध्यापक ब्रजेश राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडे ने यह कार्रवाई जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) की अनुशंसा के आधार पर की है.
विभागीय आदेश की अनदेखी पड़ी भारी
प्राथमिक विद्यालय बनकटा खास के प्रधानाध्यापक ब्रजेश राम पर विभागीय और प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही बरतने का आरोप है. शिक्षा विभाग के अनुसार, मामले में उनके आचरण को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया गया है.
डीएम न्यायालय के आदेश से जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई डीएम न्यायालय में लंबित ‘दिलशाना खातून बनाम बिहार सरकार’ मामले में पारित आदेश के अनुपालन से जुड़ी है. आरोप है कि प्रधानाध्यापक को शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) चयन समिति की बैठक आयोजित करनी थी और बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी थी.
चयन समिति की प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप
विभागीय कार्रवाई के मुताबिक, ब्रजेश राम पर चयन समिति की बैठक आयोजित करने और पारित प्रस्ताव पर अमल करने में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है. इसके अलावा वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी और विभागीय नियमों के विपरीत आचरण का भी मामला सामने आया है.
भ्रामक रिपोर्ट देने को भी गंभीर माना गया
शिक्षा विभाग ने विभाग को सौंपे गए तथ्यहीन और भ्रामक रिपोर्ट के आरोप को भी गंभीरता से लिया है. अधिकारियों के अनुसार, शासकीय प्रक्रिया से जुड़े मामले में गलत या भ्रामक तथ्य प्रस्तुत करना विभागीय अनुशासन के खिलाफ है. इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गयी है.
निलंबन अवधि में मांझा बीआरसी रहेगा मुख्यालय
जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडे के अनुसार, निलंबन अवधि में ब्रजेश राम का मुख्यालय मांझा प्रखंड संसाधन केंद्र यानी बीआरसी निर्धारित किया गया है. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय में नियमित उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा.
अब प्रपत्र ‘क’ से चलेगी अनुशासनिक कार्रवाई
निलंबन के साथ ही शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक के विरुद्ध अलग से आरोप पत्र यानी प्रपत्र ‘क’ गठित करने का निर्देश दिया है. इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस प्रक्रिया में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित पक्ष से जवाब लिया जाएगा.
शिक्षा विभाग के सख्त रुख से बढ़ी चिंता
प्रधानाध्यापक पर हुई कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा. विभागीय स्तर पर भ्रामक तथ्य या रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है.
Also Read : गोपालगंज में NH-27 पर अनियंत्रित ट्रक ने साइकिल सवार को कुचला, मौके पर मौत
