नेपाल में बारिश होते ही गंडक नदी टंडसपुर में खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंची

नेपाल में बारिश होने के साथ ही गंडक नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है. टंडसपुर में गंडक नदी खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गयी है. राहत इस बात की है कि विशंभरपुर में नदी लाल निशान से 21 सेमी नीचे बह रही है.

गोपालगंज. नेपाल में बारिश होने के साथ ही गंडक नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है. टंडसपुर में गंडक नदी खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गयी है. राहत इस बात की है कि विशंभरपुर में नदी लाल निशान से 21 सेमी नीचे बह रही है. रविवार को वाल्मीकिनगर बराज में सुबह से 1.19 से 1.15 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज बना रहा. नेपाल में गंडक नदी के कैचमेट एरिया में बारिश होने के कारण नदी का जल स्तर घट-बढ़ रहा है. विशंभरपुर में नदी बांध के करीब से बह रही है. यहां टकरा कर पूरब की ओर मुड़ रही, जिससे यहां जलसंसाधन विभाग के अधिकारी हाइअलर्ट मोड में है. अहिरौलीदान से लेकर विशुनपुर तक बने बांध पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है. यहां इंजीनियरों की टीम सहायक अभियंता एकता गुप्ता के नेतृत्व में निगरानी कर रही है. कार्यपालक अभियंता पवन कुमार बांध पर कैंप कर स्थिति से विभाग को अपडेट कर रहे हैं. विभाग की नजर नेपाल में होने वाले बारिश पर भी टिकी है. पानी का डिस्चार्ज पिछले 21 दिनों से 1.50 लाख क्यूसेक के नीचे बना हुआ है. इससे निचले इलाके के लोगों को बाढ़ से अभी राहत है. वहीं विशंभरपुर में जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजय कुमार, अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार, बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह की टीम पहुंच कर स्थिति का आकलन किया. बांध में निगरानी में जुटे अभियंताओं को अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया. यूपी के बॉर्डर से लेकर विशुनपुर तक बांध को देखा. पानी के दबाव का आकलन करने के बाद बांध को पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा किया. सावन के महीने में नदी की कलकल करती धारा ने दियारे के 42 गांव के लोगों की धड़कन को बढ़ा दिया है. नदी का मिजाज कब बिगड़ जायेगा, कहना मुश्किल है. इसे देखते हुए विभाग के अधिकारी भी चौकन्ने हैं. घटते-बढ़ते जल स्तर निचले इलाके में रहने से कटाव का खतरा बना रहता है. नदी में एक लाख क्यूसेक पानी कटाव के लिए मुफीद माना जाता है. इसे देख लोग भयभीत रहते हैं. वैसे अधिकर लोगों ने अपना वैकल्पिक इंतजाम करके रखा है.

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