Bihar Poor Family: ऊंचाई से गिरने के कारण कमर और छाती में गंभीर चोट लगने के बाद गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड के माड़ीपुर बाजार निवासी दुर्गेश राजभर करीब दो महीने से खाट पर पड़े हैं. घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ दो वक्त की रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है. तीन मासूम बच्चों और बुजुर्ग मां की जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी सविता देवी के कंधों पर है.
अहमदाबाद में मजदूरी के दौरान हुआ हादसा
दुर्गेश राजभर अहमदाबाद में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. करीब दो महीने पहले काम के दौरान ऊंचाई से गिरने से उनकी कमर और छाती में गंभीर चोटें आयीं. परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी कराने की सलाह दी थी. शुरुआती इलाज कराने के बाद ठेकेदार ने उन्हें एंबुलेंस से गांव भेज दिया. साथ ही इलाज के लिए पैसे भेजने का भरोसा भी दिया, लेकिन गांव पहुंचने के बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया.
दो महीने से खाट पर पड़े हैं दुर्गेश
हादसे के बाद से दुर्गेश राजभर घर में खाट पर पड़े हैं. आर्थिक तंगी के कारण उनका समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है. परिवार के पास इलाज कराने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं. मंगलवार की सुबह स्थिति ऐसी हो गयी कि बच्चों को खिलाने के लिए घर में अनाज तक नहीं था.
तीन बच्चों और बुजुर्ग मां की जिम्मेदारी
दुर्गेश के परिवार में पत्नी सविता देवी, बुजुर्ग मां मतिया देवी और तीन बच्चे हैं. सात वर्षीय शिवम, चार वर्षीय अभ्यांश और दो वर्षीय दीपांशु कुमार के सामने भी खाने-पीने का संकट बना हुआ है. घर की कमाई का मुख्य जरिया बंद होने के कारण पूरा परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है.
पति के इलाज के लिए मदद की गुहार
सविता देवी आंसुओं से भरी आंखों से समाज के सक्षम लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और सांसद से पति के इलाज के लिए आर्थिक मदद की अपील कर रही हैं. उनका कहना है कि अब तक परिवार को किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है. किसी सामाजिक संस्था या एनजीओ की ओर से भी सहायता नहीं मिली है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की मांग की
गांव के लोगों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है. समय पर इलाज नहीं मिलने से दुर्गेश की परेशानी बढ़ सकती है. ग्रामीणों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से जरूरतमंद परिवार की तत्काल मदद करने की मांग की है.
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