भोरे से सुरेश कुमार राय की रिपोर्ट भोरे (गोपालगंज). भोरे प्रखंड क्षेत्र के सिसई स्थित डॉ एमकुमार कॉलेज ऑफ नर्सिंग के समीप शनिवार को रास्ते के विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ. कॉलेज प्रशासन की ओर से परिसर की बाउंड्री वॉल (घेराबंदी) कराये जाने के विरोध में ग्रामीणों ने भोरे-भिंगारी एनएच 727बी को जाम कर दिया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया. सड़क जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. 100 साल पुराने रास्ते का दावा ग्रामीणों का आरोप है कि कॉलेज के बगल से होकर नयागांव और सिसई के कई टोलों की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता पिछले 100 वर्षों से आमजन के उपयोग में था. शनिवार की सुबह जब कॉलेज प्रशासन ने इस रास्ते को बंद कर बाउंड्री का काम शुरू कराया, तो लोग आक्रोशित हो गये. देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और आगजनी कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. प्रशासनिक दखल और फिर हुआ मामला शांत हंगामे की सूचना मिलते ही भोरे थानाध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय, जगतौली ओपी प्रभारी आलोक कुमार और सीओ अनुभव राय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों और मुखिया शाह आलम, डब्लू बाबा ने उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और यातायात बहाल कराया. रैयती निकली जमीन, सुरक्षा का हवाला मामले की जांच के दौरान कॉलेज के निदेशक डॉ. एम. कुमार ने प्रशासन के समक्ष जमीन के वैध कागजात प्रस्तुत किये. जांच में पाया गया कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है, वह कॉलेज की रैयती जमीन है. डॉ. एम. कुमार ने बताया कि कॉलेज के हॉस्टल में बड़ी संख्या में छात्राएं रहती हैं. छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन के दृष्टिकोण से परिसर की घेराबंदी करना अनिवार्य हो गया था. क्या बोले अधिकारी? सीओ अनुभव राय ने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि निजी (रैयती) है और अब तक कॉलेज प्रबंधन की मर्जी से वहां से लोग गुजर रहे थे. कानूनन वे अपनी जमीन की घेराबंदी करने के हकदार हैं. ग्रामीणों के आवागमन के लिए स्थानीय मुखिया से वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने को कहा गया है. फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है.
नर्सिंग कॉलेज की बाउंड्री को लेकर ग्रामीणों का हंगामा व आगजनी
हंगामे के कारण मची अफरातफरी, पुलिस ने संभाला मामामला
