दो वर्षों से बंद है ट्रेनों का परिचालन
गोपालगंज : काफी प्रतीक्षा के बाद भी ट्रेनों का परिचालन थावे-मशरक रेल खंड पर नहीं हो सका. इसके कारण लोगों में काफी मायूसी है. लोगों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहने के बावजूद ट्रेनें नहीं चलायी जा सकीं. यह काफी अचरज की बात है. बताते चलें कि तीन- तीन बार इस खंड पर ट्रेनों के परिचालन की तिथि घोषित की गयी तथा ऐन मौके पर उसे स्थगित कर दिया गया. ट्रेनों के परिचालन को लेकर थावे रेलवे स्टेशन पर भी मौन उपवास रखा गया, हालांकि वह समाप्त हो गया,
बावजूद ट्रेनों का परिचालन नहीं हो सका. ट्रेनें किन परिस्थितियों के कारण नहीं चलायी जा रही हैं, यह लोगों की समझ से परे है. मालूम हो कि यह रेल खंड अप्रैल 15 से ही आमान परिवर्तन को लेकर बंद है. इसी के साथ बंद हुए मशरक छपरा कचहरी पर बड़ी लाइन की ट्रेनों के परिचालन की शुरुआत महीनों पहले कर दी गयी है. लोगों को पूरी उम्मीद थी कि एक ही साथ बंद हुए थावे छपरा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन भी एक ही साथ शुरू हो जायेगा,
लेकिन यह नहीं हो सका. छपरा कचहरी मशरक तक ट्रेनों का परिचालन तो शुरू कर दिया गया, लेकिन मशरक थावे रेलखंड को उपेक्षित छोड़ दिया गया. लोगों का कहना है कि जन प्रतिनिधि इसमें रुचि लेते, तो अब तक इस खंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया होता. ट्रेनों के परिचालन के लिए मुख्य बिंदु सीआरएस का निरीक्षण होता है, जो पूरा कर लिया गया है. इसके तहत छपरा कचहरी व मशरक के बीच ट्रेनें भी चलायी जा रही हैं. लोगों ने कहा कि शीघ्र ही ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं किया गया, तो कभी आंदोलन किया जा सकता है.
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