भुगतान में परेशानी होने से शौचालय निर्माण से लाभुकों का हो रहा मोह भंग
गोपालगंज : स्वच्छ भारत मिशन एवं लोहिया स्वच्छता अभियान का सपना चकनाचूर होने लगा है. शौचालय निर्माण के कार्य भी दिनों-दिन सुस्त पड़ता जा रहा है. ऐसे तो पांच जून, 2016 को जिला मुख्यालय के आंबेडकर भवन में गोपालगंज जिले में खुले में शौच से मुक्ति दिलाये जाने को लेकर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें जिले के सभी 234 पंचायतों के मुखिया सहित पंचायत प्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी भी शामिल हुए.
इसमें गोपालगंज को खुले में शौच से मुक्ति दिलाये जाने को लेकर दो अक्तूबर ,2017 की तिथि निर्धारित की गयी. सबों ने खुले में शौच मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया. लेकिन समय बीतता गया, शौचालय निर्माण के बाद राशि भुगतान की प्रक्रिया बदलती गयी. इससे लाभुकों का शौचालय से मोह भंग होता गया. नतीजा यह है कि 10 माह में महज 17 पंचायतें ही खुले में शौच से मुक्त हो सकी हैं. ऐसे में गोपालगंज जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने का कार्य निर्धारित समय सीमा में कैसे पूरा होगा. यह एक गंभीर प्रश्न बना हुआ है.
एक नजर में शौचालय निर्माण के आंकड़ें
निर्माण कार्य की शुभारंभ-पांच जून, 2016
निर्धारित लक्ष्य-दो अक्तूबर,2017
पंचायतों की संख्या-234
खुले में शौच से मुक्त पंचायत-17
प्रति शौचालय भुगतान राशि 12 हजार प्रति यूनिट
क्या कहते हैं अधिकारी
शौचालय निर्माण के कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किये जाने को लेकर निरंतर प्रयास किया जा रहा है. इतना ही नहीं प्रत्येक पंचायतों में मोटिवेटर को भी लगाया गया है, जो लोगों को शौचालय निर्माण के लिए जागरूक कर रहे हैं.
धनंजय कुमार, निदेशक डीआरडीए, गोपालगंज
