दुखद. सदर अस्पताल में मौत के बाद नहीं मिला एंबुलेंस, कंधे पर शव ले गये परिजन
सात दिनों से था चेचक निजी अस्पताल में इलाज के बाद पहुंचे थे सदर अस्पताल
नहीं करा रहें इलाज
गोपालगंज : सदर अस्पताल में सोमवार की सुबह चेचक से बच्चे की मौत हो गयी. वह पिछले सात दिनों से पीड़ित था. मृतक नगर थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ी सरेया मोहल्ले के निवासी अनिल कुमार का पुत्र छोटू कुमार था.
परिजनों ने बताया कि एक सप्ताह से चेचक की शिकायत थी. निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. अचानक स्थिति बिगड़ने पर सदर अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया. इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ अब्बास ने बताया कि मौसम के कारण डायरिया, चेचक, फीवर के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं. डॉक्टर ने बताया कि चेचक से पीड़ित बच्चे की अस्पताल आने से पहले ही मौत हो चुकी थी.
अंधविश्वास में नहीं करा रहे इलाज : ग्रामीण इलाके में चेचक से पीड़ित कई मरीज के परिजन ऐसे हैं, जो अंधविश्वास में आकर इलाज नहीं करा रहे हैं.
सदर अस्पताल में बच्चे की मौत होने के बाद परिजनों ने बताया कि मांझा के डोमाहाता, जादोपुर के मशानथाना, बरइपट्ठी गांवों में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके बच्चे चेचक से पीड़ित हैं. लेकिन, अंधविश्वास में आकर उनका इलाज करा नहीं पा रहे हैं.
ग्रामीण इलाके में चेचक से बीमार मरीजों की संख्या में इजाफा
चेचक के लक्षण
अगर चेचक हो तो प्यास ज्यादा लगती है और पूरे शरीर में दर्द होने लगता है. इसमें बुखार होने के साथ शरीर का तापमान बढ़ जाता है और ह्रदय की गति भी तेज होने लगती है. धीरे-धीरे शरीर पर लाल रंग के दाने निकलने लगते हैं जो पकने के बाद सूख जाते हैं, लेकिन शरीर पर दाग रह जाते हैं.
चेचक से बचाव के उपाय
डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी तरह का चेचक रोग होने का सबसे प्रमुख कारण शरीर में दूषित द्रव्य का जमा हो जाना है. यह एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी हो जाता है.
यह रोग गंदगी तथा गंदे पदार्थों का सेवन करने से होता है.
