न्यायालय में समझौता से हुआ मामले का निबटारा
106 योजनाओं पर न्यायालय में चल रहा था वाद
गोपालगंज : सोमवार का दिन शहर के विकास के लिये एक नया अध्याय रच गया. शहर के विकास को लेकर न सिर्फ सपने पूरे होने की उम्मीद है बल्कि इस उड़ान को एक नयी गति भी मिलेगी. चयनित योजनाओं पर न सिर्फ गतिरोध दूर हो गया बल्कि आपसी समझौते से विकास योजनाओं को लेकर न्यायालय में चल रहा वाद भी समाप्त हो गया. गौरतलब है कि शहर के विकास के लिये नगर पर्षद द्वारा नाली, सड़क व गली के पक्कीकरण के लिये 106 योजनाओं का चयन किया गया था.
योजनाओं के क्रियान्वयन के पूर्व वार्ड पार्षद मुन्ना राज के पिता राजेश्वर तिवारी ने योजनाओं को चुनौती देते हुए न्यायालय में वाद दर्ज कराया. इस मामले पर कई तारीख पर सुनवाई की गयी. इधर वाद दायर होने के कारण शहर का विकास पूर्णत: रुक गया. सोमवार को न्यायालय में पूरे मामले पर सुनवाई की गयी.
इस दौरान नगर पर्षद और वाद कर्ता के बीच आपसी सहमति से बाद खत्म करते हुए शहर के विकास पर मुहर लगा दी.
वाद कर्ता ने कहा कि चूंकि मेरे दायर वाद से शहर का विकास अवरुद्ध है इसलिये मैं मामला वापस लेता हूं क्योंकि निजी हित के अपेक्षा सार्वजनिक हित ऊपर है. इधर समझौता के बाद नगर पर्षद एक बार फिर शहर के विकास के लिये कमर कस लिया हैयोजना एवं लागत
कुल वार्ड-28
कुल योजनाएं – 106
अनुमानित लागत-6.5 करोड़
क्या कहता है नगर पर्षद
योजनाओं पर दायर वाद आपसी समझौता से समाप्त हो गया है. जिसका नगर परिषद की ओर से स्वागत है. जल्द ही सभी योजनाओं पर कार्य शुरू कराया जायेगा.
संजु देवी, मुख्य पार्षद, गोपालगंज
