गिरफ्तार इंजीनियर कानपुर में है कार्यरत
पीलीभीत के जज के खाते से लाखों की ठगी
भोरे : लोगों की गाढ़ी कमाई को उनके खाते से गायब कर ऐश करनेवाला साइबर क्राइम का मास्टर माइंड आखिरकार इलाहाबाद क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ ही गया. गिरफ्तार मास्टर माइंड भोरे का एक इंजीनियर है, जो प्रतिष्ठित कंपनी एचपीसीएल में सीनियर इंजीनियर के पद पर था. युवक के पास भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान मिले हैं. पूछताछ के दौरान उसने जज से लेकर कई बड़े अधिकारियों के खाते से रुपये गायब करने की बात स्वीकारी है.
अब तक उसने सौ से अधिक बैंक खातों को खाली कर दिया है. गिरफ्तार युवक का नेटवर्क बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला है. बताया जाता है कि यूपी के इलाहाबाद में क्राइम ब्रांच के पास साइबर क्राइम से जुड़े 17 मामले एक के बाद एक आते गये. इन मामलों में सबसे खास बात यह थी कि सभी खाते पंजाब नेशनल बैंक के थे. मामले के सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच के एसपी इरफान अंसारी ने एक टीम गठित की. जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि दिल्ली के शांतिपुरम इलाके में रहनेवाला संजीव कुमार सिंह इस गिरोह का मास्टर माइंड है. पूरी जानकारी होने पर पुलिस ने उसे शांतिपुरम इलाके से गिरफ्तार कर लिया.
बिहार से पश्चिम बंगाल तक फैला है नेटवर्क : संजीव ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसके गिरोह में नयी दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी कपिल गुप्ता, कोलकाता के सौरभ बोस भी हैं. दोनों ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं. क्राइम ब्रांच के एसपी इरफान ने बताया कि इनकी तलाश में भी टीमें रवाना कर दी गयी हैं.
पीलीभीत में एडीजे के खाते से की थी खरीदारी : एसपी क्राइम ब्रांच इरफान अंसारी ने बताया कि शातिर संजीव ने पीलीभीत में भी कई ठगी की है.
उसने वहां के एक एडीजे के एटीएम कार्ड का कोड पता कर लिया था और उनके खाते से डेढ़ लाख रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर डाली थी. पूछताछ के बाद संजीव को जेल भेज दिया गया है.
