गोपालगंज : सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत आगामी 11 फरवरी को आयोजित होगी. नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते एवं सुलह के आधार पर लंबित वादों का निष्पादन किया जायेगा. लोक अदालत में एनआइ एक्ट, बैंक रिकवरी, एमएसीटी, पारिवारिक वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण, विद्युत, एसएफसी आदि मामलों का निबटारा किया जायेगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शोभाकांत मिश्रा ने बताया कि लोक अदालत में हुए फैसलों की किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती है. लोक अदालत में न कोई हारता है और न कोई जीतता है. दोनों पक्ष संतुष्ट होते हैं. फैसले को सिविल न्यायालय की डिग्री का रूप दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मामले लंबित हैं, वे लोक अदालत के माध्यम से निबटारा कर सकते हैं.
लोक अदालत का सबसे अधिक फायदा यह है कि वाद का समझौते के आधार पर निराकरण होने पर पक्षकारों को कोर्ट फीस लौटा दी जाती है. मुकदमेबाजी में लगनेवाले समय व धन की बरबादी से बचने के लिए लोक अदालतों का सहारा लिया जा सकता है.
