गोपालगंज : मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र के ठेगपुर में शराब माफिया के गिरफ्तारी के लिए गयी पुलिस टीम की कार्रवाई सवालों में उलझी हुई है. पुलिस अपने ही जाल में उलझ चुकी है. मामले ने जब तूल पकड़ा, तो पुलिस की भूमिका की भी जांच हो रही.जांच के लिए टीम को गांव में जाकर साक्ष्यों को खंगालना था. हालांकि अधिकारी शुक्रवार को मौके पर नहीं आये.
आइजी सुनील कुमार ने पूरे प्रकरण में जांच का अादेश दिया है. जांच से कई राज सामने आने की उम्मीद है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुचायकोट के थानेदार महेंद्र कुमार, महम्मदपुर थाने के थानेदार मुन्ना कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम जब पारू इलाके में छापेमारी को पहुंची, तो उनके वाहन पर तुलसी भी था. अब सवाल उठता है कि आखिरकार गोपालगंज पुलिस को तुलसी का सहयोग लेने की क्या जरूरत पड़ी. पारू थाने की पुलिस को इस छापेमारी की भनक भी गोपालगंज की पुलिस ने नहीं लगने दी. गोलीबारी हुई ,तो लोगों को लगा कि जरूर अपराधी हैं. गोपालगंज पुलिस की टीम का तुलसी राय से या संबंध है. यह जांच का विषय बना हुआ है. लोग भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सकते में हैं.
अजय राय की तलाश जारी : पुलिस पर हमला के बाद फरार होने के बाद अजय राय का कोई सूराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है. पुलिस का दावा है कि जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा. एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम छापेमारी में जुटी है. पुलिस नामजद अभियुक्तों की तलाश तेज कर दी है. अजय राय के घर पर नजर डालें तो गरीबी से जूझने से इनकार नहीं किया जा सकता.
ठेंगपुर गांव में पसरा सन्नाटा : पिछले मंगलवार को पुलिस टीम पर हुई छापेमारी के बाद ठेंगपुर गांव में शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा. कुछ दुकानें खुलीं लेकिन लोग भय के कारण घरों से बाहर नहीं निकले.गांव में कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है. गांव के अधिकतर लोग पुलिस के भय से फरार बताये जा रहे हैं. पुलिस की टीम इलाके की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है.
आखिर कौन है मुन्ना सिंह : कुचायकोट थाने में पुलिस के हत्थे चढे ट्रक चालक पंजाब निवासी अशोक कुमार सिंह ने कहा था कि मुन्ना सिंह के द्वारा ही शराब की खेप मंगायी जा गयी थी. 445 कार्टन शराब आलू में छुपा कर मुजफ्फरपुर ले जायी जा रही थी. पुलिस की टीम जब मुन्ना सिंह की तलाश में छापेमारी के लिए गयी थी, तो अजय राय का नाम कहां से आ गया, यह भी जांच का विषय है.फिलहाल इस पर गोपालगंज के पुलिस अधिकारी कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं हैं.
