हत्या के बाद सड़क पर उतरीं गांव की महिलाएं व सड़क पर आगजनी करते ग्रामीण.

एसडीपीओ व एसडीएम को घटना की जानकारी देते ग्रामीण. घटना स्थल पर पहुंचा वज्रवाहन. सड़क पर लाठी-डंडा के साथ जाम करते ग्रामीण. हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन. रो-रो कर परिजनों का बुरा हाल कटेया : अपने युवा पुत्र को खोकर विशाल के परिजन अपने आप को असहाय पा रहे हैं. जिस पुत्र के सहारे पूरा […]

एसडीपीओ व एसडीएम को घटना की जानकारी देते ग्रामीण. घटना स्थल पर पहुंचा वज्रवाहन.

सड़क पर लाठी-डंडा के साथ जाम करते ग्रामीण. हत्या के बाद रोते-बिलखते परिजन.
रो-रो कर परिजनों का बुरा हाल
कटेया : अपने युवा पुत्र को खोकर विशाल के परिजन अपने आप को असहाय पा रहे हैं. जिस पुत्र के सहारे पूरा परिवार था. उसे हत्यारों ने मार डाला. बता दें कि विशाल के पिता आलोक ठाकुर खाड़ी देश में काम करते हैं. उसके परिवार के अन्य पुरुष मुंबई में दुकान चलाते हैं. दादा केदार ठाकुर कुछ दिन पूर्व ही मुंबई गये हैं. अकेले पुरुष सदस्य होने के विशाल अपनी पढ़ाई के साथ साथ अपना सैलून चलाता था और परिवार की देखभाल करता था. उसकी मां एवं बहनों का रो- रो कर बुरा हाल है.
पुलिस ने शुरू की हत्याकांड की जांच
विशाल हत्याकांड को गंभीरता से लेते अपनी जांच शुरू कर दी है. विशाल के बारे में ग्रामीणों का कहना है कि विशाल काफी शांत किस्म का लड़का था. वहीं पुलिस इसे कई दृष्टिकोणों से अध्ययन कर रही है. थानाध्यक्ष प्रदीप राम ने बताया कि हत्याकांड का खुलासा शीघ्र ही होगा. अपराधी नहीं बचेंगे, परिजनों को न्याय मिलेगा.
घटना की टाइम लाइन
रविवार शाम
5.30 बजे- विशाल दुकान बंद कर घर पहुंचा
6.00 बजे – फोन आने पर घर से निकला
9.00 बजे – परिजनों ने खोजबीन शुरू की
सोमवार सुबह
5.00 बजे – लोगों ने धान के खेत में शव देखा
5.30 बजे – पुलिस को सूचना दी गयी
5.45 बजे – पुलिस घटना स्थल पर पहुंची
6.00 बजे – घटनास्थल पर ग्रामीणों का हंगामा
8.00 बजे – सड़क जाम, आगजनी
8.15 बजे -पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी शुरू
9.00 बजे – कटेया पुलिस को खदेड़ा
9.30 बजे – पांच थानों की पुलिस पहुंची
10.00 बजे- डीएसपी पहुंचे
10.30 बजे – अन्य थानों के साथ वज्र वाहन पहुंचा
10.45 बजे – लोगों के साथ पुलिस की नोक–-झोंक
1.00 बजे – एसडीओ पहुंचे
1.30 बजे – लोगों से वार्ता शुरू
3.00 बजे – जाम हटा
बीस दिन, दो हत्याएं, तरीका एक, कार्रवाई शून्य
पुलिस ने की होती कार्रवाई, तो बच सकती थी विशाल की जान
दोनों हत्याकांडों की समानता कहीं-न-कहीं आपस में जुड़ रहीं
भयभीत ग्रामीण अपने बच्चों को गांव से भेज रहे बाहर
दो माताओं की गोद हुई सूनी
कटेया : कटेया थाना क्षेत्र की बैकुंठपुर पंचायत एक बार फिर सुर्खियों में है. बीस दिनों के अंदर ही पंचायत के अमहीं एवं बनियाछापर गांव के दो युवकों की हत्या हो गयी. हत्यारों ने दोनों ही कांडों में एक तरीके को इस्तेमाल किया. इन सब के बीच पुलिस की कार्रवाई शिथिल रही. यह भी एक सच्चाई है कि पुलिस की कार्रवाई नहीं होने के कारण ही बीस दिनों के अंदर दूसरी हत्या हो गयी. जिस दिन मुकेश हत्याकांड का पर्यवेक्षण डीएसपी ने किया, उसी रात विशाल की हत्या कर दी गयी. दोनों हत्याओं में हत्यारों ने गला काटने के साथ साथ गुप्तांग पर प्रहार किया है. बता दें कि 14 अगस्त की रात अमहीं गांव के होमगार्ड के जवान श्रीप्रकाश ओझा के पुत्र मुकेश ओझा की हत्या सोहनरिया बाजार के अर्धनिर्मित मकान में कर दी गयी थी. 15 अगस्त को इसकी सूचना ने पूरे क्षेत्र में उबाल ला दिया था.
15 अगस्त को भी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की थी. सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे हथुआ के डीएसपी इम्तेयाज अहमद ने शीघ्र ही हत्यारों के गिरफ्तारी की बात कह कर मामले को शांत कराया था. मुकेश हत्याकांड में पुलिस ने बीस दिनों के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की.घटना के 19 वें दिन कांड का पर्यवेक्षण डीएसपी द्वारा किया गया. इतने दिनों के अंतराल में कटेया पुलिस ने न तो आरोपितों के घर छापेमारी ही की और न ही किसी को गिरफ्तार ही किया.
इधर, विशाल की हत्या भी उसी तरह से की गयी है, जैसे मुकेश की हत्या की गयी थी. मुकेश को भी घर से बुलाया गया था और विशाल को भी घर से फोन कर बुलाया गया. दोनों पूरी रात गायब रहे. सुबह लोगों ने दोनों के शवों को देखकर सूचना दी थी. दोनों हत्याकांडों में एक और समानता यह रही कि दोनों युवक थे और दोनों अविवाहित.

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