शराब पीने के बाद संदिग्ध परिस्थिति में 20 लोगों की मौत पर उत्पाद विभाग के अफसरों पर भी कार्रवाई होगी. मद्य एवं निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने जांच करने के बाद गोपालगंज में पत्रकारों से कार्रवाई करने की बात कही है.
गोपालगंज : नगर थाने के पुलिस अफसरों को निलंबित करने के बाद अब उत्पाद विभाग के अफसरों पर कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है. मद्य एवं निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने पूरे मामले की जांच करने के बाद उत्पाद विभाग के अफसरों को भी दोषी माना है.
प्रधान सचिव ने गोपालगंज में पत्रकारों से कहा कि खजुरबानी में जांच करने के बाद जिलाधिकारी कोकई बिंदुओं पर जांच करने का निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि यहां बड़े पैमाने पर शराब की भट्ठियां चलती थीं. उत्पाद विभाग के अफसरों ने यहां कार्रवाई करना कभी उचित नहीं समझा. ऐसे में पुलिस के अलावा उत्पाद विभाग के अफसर भी दोषी हैं. उन पर भी कार्रवाई की जायेगी. प्रधान सचिव ने गांव के एक-एक घर में लोगों से बात करने की कोशिश की. लेकिन, कार्रवाई के भय से गांव के लोग घर छोड़ कर फरार हैं.
गांव के दिव्यांग विश्वनाथ शर्मा से प्रधान सचिव ने शराब कारोबार के बारे में पूछताछ की. लेकिन, उसने माफियाओं के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया. विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि साहब दो दिन पहले ही बाहर से घर आया हूं.
उधर, डीएम राहुल कुमार और एसपी रवि रंजन कुमार ने प्रधान सचिव को एक-एक कर सभी शराब माफियाओं के घरों को दिखाया. प्रधान सचिव शराब की ध्वस्त भट्ठियों में गये, जहां काली कोठरी में शराब का काला कारोबार किये जाने का मामला उजागर हुआ. उन्होंने खजुरबानी में छापेमारी के बाद बिखरे पड़े साक्ष्यों को जब्त करने का निर्देश पुलिस अफसरों को दिया. निरीक्षण करने के बाद प्रधान सचिव ने डीएम-एसपी से बातचीत की. इसके बाद पटना लौट गये.
