गोपालगंज में रख करोड़ों की फिरौती वसूलने की थी योजना
गोपालगंज : हाजीपुर हाइवे से पांच दिन पूर्व अगवा हुए पानी कारोबारी को पुलिस ने गोपालगंज में बरामद किया है. पानी कारोबारी की बरामदगी की सूचना मिलने पर हाजीपुर पुलिस ने राहत की सांस ली. उधर, तत्काल पटना से परिजन और हाजीपुर पुलिस पहुंच कर रातों-रात कारोबारी को अपने साथ ले गयी. पुलिस अपहर्ता गैंग की तलाश में जुटी है. ध्यान रहे कि पटना के राजेंद्रनगर के रहनेवाले कनिष्क जायसवाल उर्फ छोटू का हाजीपुर में बिसलरी पानी का कारोबार है.
पांच दिन पूर्व हाजीपुर बिजली कार्यालय में बिजली बिल जमा कर वापस बाइक से लौट रहे थे. जैसे ही पासवान चौक पार किया कि पीछे से लग्जरी गाड़ी पर सवार अपहर्ताओं ने बाइक में ठोकर मार दी. तू-तू मैं-मैं हुई और व्यवसायी को अपनी गाड़ी में खींच कर बैठा लिया गया. देर रात तक जब कनिष्क घर नहीं पहुंचा, तो परिजन बेचैन हो गये. इस मामले में हाजीपुर थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. पुलिस अपहरण के इस मामले की जांच कर रही थी. कनिष्क का मोबाइल बंद मिल रहा था.
इस बीच 15 अगस्त की शाम मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर के पास अपहर्ताओं को चकमा देकर कनिष्क भाग निकला. उसने गांव में पहुंच कर लोगों को सूचना दी. लोगों ने तुरंत मांझा पुलिस को सूचना दी. मांझा के थानाध्यक्ष रामसेवक रावत तथा नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर बीपी आलोक ने पुलिस बल के साथ दानापुर पहुंच कर अपहृत व्यवसायी को अपने कब्जे में ले लिया. व्यवसायी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में लाया गया. पुलिस ने व्यवसायी के परिजनों के सकुशल बरामद होने की सूचना दी. उधर, हाजीपुर पुलिस देर रात पहुंची और व्यवसायी को अपने साथ लेकर चली गयी.
अपहरण में गोपालगंज के गैंग का हाथ! : पटना के रहनेवाले पानी कारोबारी केा अपहरण में गोपालगंज के अपराधी गैंग का हाथ तो नहीं है, पुलिस इसे खंगालने में लगी है. व्यवसायी का चाचा पटना का बड़ा कारोबारी है. गोपालगंज में रख कर करोड़ों की फिरौती वसूलने की योजना को लेकर यहां रखा गया था. हालांकि बरामद कारोबारी ने गाड़ी से लेकर यहां पहुंचने की बात कही है.
अपहर्ता पेसाब करने के लिए रुके थे, तभी मौका पाकर व्यवसायी कनिष्क जायसवाल भाग निकला. इस बरामदगी के बाद स्थानीय पुलिस की कान खड़े हो गये हैं. इसे गंभीरता से लेकर पुलिस जांच में जुटी है. हालांकि डेढ़ दशक पूर्व देश के बड़े कारोबारियों का अपहरण कर अरबों की फिरौती वसूले जाने का इतिहास रहा है.
