आंकड़ों के अंधेरे में उलझी उज्ज्वला योजना

योजना को रफ्तार देने की तैयारी अब लेत कंपनियां ढूढ़ेगी गरीब गोपालगंज : गरीबों के घरों में रसोई गैस कनेक्शन देने की केंद्र सरकार की योजना को झटका लगने लगा है. कई जरूरतमंदों को रसोई गैस कनेक्शन नहीं मिल रहा है. कारण उनका सूची में नाम ही नहीं है, जबकि वे पात्रता की सभी शर्तें […]

योजना को रफ्तार देने की तैयारी

अब लेत कंपनियां ढूढ़ेगी गरीब
गोपालगंज : गरीबों के घरों में रसोई गैस कनेक्शन देने की केंद्र सरकार की योजना को झटका लगने लगा है. कई जरूरतमंदों को रसोई गैस कनेक्शन नहीं मिल रहा है. कारण उनका सूची में नाम ही नहीं है, जबकि वे पात्रता की सभी शर्तें पूरी कर रहे हैं. शहर में ऐसे गरीब ढूढ़े नहीं मिल रहे हैं. ईंधन में लकड़ी, कोयले, उपले आदि के इस्तेमाल से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. स्वास्थ्य विभाग की इस रिपोर्ट के बाद सरकार ने घर-घर रसोई गैस कनेक्शन देने के लिए उज्ज्वला योजना की शुरुआत कर दी. इसके अंतर्गत जरूरतमंदों को जनगणना के तहत बनी सूची के अंतर्गत ही कनेक्शन दिये जा रहे हैं.
सूची में महिला का नाम जरूरी : उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम पर ही रसोई गैस कनेक्शन दिये जा रहे हैं. इसमें यदि जनगणना की सूची में महिला का नाम है तो ही कनेक्शन दिया जा रहा है. परिवार के पुरुष का नाम होने के बावजूद उन्हें कनेक्शन देने से वितरक परहेज कर रहे हैं. वे महिला का नाम सूची में शामिल होने को प्राथमिक शर्त बता रहे हैं.
आठ हजार को कनेक्शन : जिले में करीब आठ हजार उपभोक्ताओं को रसोई गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं. गांव-देहात में 85-90 फीसदी कनेक्शन दिये गये हैं.
दो लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ : वर्ष 2011 से अब तक परिदृष्य काफी बदल चुका है. हजारों लोग पात्रता की शर्तों को पूरा कर रहे हैं, लेकिन उनका सूची में नाम न होने के कारण कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है. जिले में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या दो लाख के करीब है. नयी व्यवस्था से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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