हंगामा . गरीब महिला को इमरजेंसी में रोते देख द्रवित हुए डॉक्टर
गोपालगंज : साहब! पायल बेच कर प्लास्टर के लिए रिश्वत देनी पड़ी है. रिश्वत नहीं देने पर इलाज नहीं किया जा रहा था. सदर अस्पताल के इमरजेंसी में अक्सर यह बात सुनने को मिलती है. महिला मरीज इमरजेंसी में डॉक्टर के सामने फफक कर रोने लगी. ड्यूटी पर तैनात डॉ अमर कुमार ने उन कंपाउंडरों के पास जाकर स्थिति को बता कर पैसा वापस करने को कहा, तो महिला को आधा पैसा देकर सभी बाहरी कंपाउंडर इमरजेंसी छोड़ कर भाग निकले.
बता दें कि शनिवार की सुबह 10 बजे कुचायकोट थाना क्षेत्र के बंगरा गांव की राजमती देवी बेटे शिवशंकर प्रसाद के टूटे हुए हाथ का प्लास्टर करने के लिए लेकर पहुंची थी. प्लास्टर करने के लिए तीन सौ रुपये की मांग की जा रही थी. उसके पास भाड़े तक का पैसा नहीं था. छह सौ रुपये में पायल बेच कर अस्पताल पहुंची. 260 रुपये की दवा मंगा ली गयी. ऊपर से तीन सौ रुपये प्लास्टर के लिए मांगा जा रहा था. महिला 50 रुपये दे चुकी थी. उसने भाड़े के लिए पैसा बचा कर रखा था. प्राइवेट कंपाउंडर इमरजेंसी में अड्डा जमा कर मरीजों का शोषण कर रहे थे. इसको लेकर इमरजेंसी में हंगामा हो गया. बाद में हंगामे को देखते हुए कंपाउंडर भाग निकले.
अस्पताल उपाधीक्षक से जवाब तलब
मरीज लिखित शिकायत देता है, तो प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. इमरजेंसी में बाहर के कंपाउंडर कैसे काम कर रहे हैं, इसके लिए अस्पताल उपाधीक्षक से भी जवाब तलब किया जा रहा है.
डॉ मधेश्वर प्रसाद, सिविल सर्जन, गोपालगंज
