अभियान . अतिक्रमण पर चला नप का बुलडोजर
शहर में जाम की स्थिति से निबटने के लिए नगर पर्षद ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. इसके तहत 100 से अधिक दुकानें सड़क से हटा दी गयीं. दुकानों के सामने लगाये छप्पर और गुमटियां लाद कर कर्मी नप कार्यालय परिसर ले गये. इससे शहर में हड़कंप मचा है.
गोपालगंज : शुक्रवार को शहर के हॉस्पिटल रोड में हड़कंप मचा रहा. हर जगह अस्त-व्यस्तता की स्थिति रही. कहीं गुमटी उजाड़ी जा रही थी, तो कही दुकानों के छप्पर, कोई खुद अपना सामान हटा रहा था. स्थिति अतिक्रमण हटाओ अभियान की थी.
जाम से निबटने के लिए आखिरकार वार्निंग के बाद शुक्रवार को नगर पर्षद का बुलडोजर अतिक्रमणकारियों पर चला. गौरतलब है कि शहर की सड़कों पर दुकानदारों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे प्रतिदिन शहर जाम से जूझता रहता है. जाम से निबटने के लिए नगर पर्षद द्वारा दुकानदारों को कई बार सड़क खाली करने का अल्टीमेटम भी दिया गया, लेकिन हालात नहीं बदले, आखिरकार नगर पर्षद की टीम शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने के लिए निकल पड़ी. आंबेडकर चौक से लेकर घोष चौक तक पहले दिन अतिक्रमण हटाया गया.
इस दौरान कार्रवाई की गाज 100 से अधिक दुकानों पर गिरी. किसी का छप्पर उजड़ा, तो किसी की गुमटी को लाद कर कर्मी चलते बने. अतिक्रमण हटाने के लिए दो जेसीबी, चार ट्रैक्टर, दो दर्जन से अधिक मजदूर जहां लगाये गये, वहीं धर्मेंद्र कुमार जमादार के नेतृत्व में अभियान चलता रहा. टूटती दुकानों को देख सड़क पर अफरा-तफरी और दुकानदारों में बेचैनी रही. वहीं अतिक्रमण हटाने के वक्त हॉस्पिटल रोड पर जाम की स्थिति भी बनी रही.
100 से अधिक दुकानदारों की रोजी-रोटी ठप : अतिक्रमण हटाने से जहां सड़क साफ-सुथरी हो गयी है. वहीं 100 से अधिक दुकानदार बेरोजगार भी हो गये हैं. इन दुकानदारों को रोजी -रोटी सड़क पर ही चलती थी. अब इनके सामने अपने रोजगार को लेकर संकट खड़ा हो गया है. आखिर अब ये कहां जायें.
अतिक्रमण की स्थिति
शहर की सभी सड़कों के 50 फीसदी हिस्से पर है अतिक्रमण
सड़क पर सजती हैं दुकानें
वाहन पड़ाव बन गयी है सड़क
एक नजर में अभियान
कार्यरत मजदूर – 24
ट्रैक्टर – चार
जेसीबी – दो
टीम में सदस्य – छह
क्या कहते हैं अधिकारी
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया है. जो दुकानदार स्वत: अपनी दुकान नहीं हटा लेते, उनको हटाया तो जायेगा कि साथ ही उनसे आर्थिक दंड भी लिया जायेगा.
राज किशोर लाल, कार्यपालक पदाधिकारी, नप, गोपालगंज
