कचरे के ढेर पर है हजियापुर

गोपालगंज . कौन सी सुबह उजाला लेकर आयेगी, सबके चेहरे पर एक इंतजार है. कहीं जलजमाव है, तो कही कचरे से दुर्गंध उठ रही है. किसी को चलने का रास्ता नहीं है. जितने लोग उतने दर्द. वार्ड के मुख्य पथ पर चलने का जगह नहीं है. दलित बस्ती की ओर से लोग सड़क किनारे बने […]

गोपालगंज . कौन सी सुबह उजाला लेकर आयेगी, सबके चेहरे पर एक इंतजार है. कहीं जलजमाव है, तो कही कचरे से दुर्गंध उठ रही है. किसी को चलने का रास्ता नहीं है. जितने लोग उतने दर्द. वार्ड के मुख्य पथ पर चलने का जगह नहीं है. दलित बस्ती की ओर से लोग सड़क किनारे बने नाले के स्लैब के सहारे आ -जा रहे हैं. यहां जलजमाव तो है हीं , कहां सड़क है और कहां गड्ढा , वार्डवासी भी नहीं जानते. सड़क किनारे डस्टबीन रखे गये हैं , पर सड़क पर कचरों का अंबार लगा है,कचरा ढोने वाली गाड़ी को यहां आये जमाने की बात हो गयी है. दलित बस्ती से निकलने वाले मुख्य पथ गांव के लिए बेकार बन गये हैं.

वार्ड का ऐसा कोई भी कोना नहीं जहां गंदगी न हो. बजबजाती नालियां, हर जगह उठती दुर्गंध, पेयजल का अभाव, बिजली का पता नही. यह देख कर कोई भी शहर तो क्या इसे गांव भी कहने में सौ बार सोचेगा. बस इन पर लेबल शहर का लगा हुआ है. सड़क की हालत यह है कि इस पर बाइक भी लेकर कोई नहीं जा सकता. आगे बढ़ने पर मिलते हैं कुछ लोग , इनको राशन- केराेसिन नहीं मिलता. ये बताते हैं कि सूची में नाम जोड़वाने के लिए ये कई बार प्रखंड और नगर पर्षद का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आज तक इनका नाम नहीं जुड़ा. यहां पेयजल के लिए सरकारी तौर कोई व्यवस्था नहीं है. शहरवासी बताते हैं कि हर बार पेयजल की व्यवस्था के लिए बात तो होती रही, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ. शहर की पहचान बन गया है कचरा.

यूं कहा जाये, तो पूरा वार्ड कचरों के ढेर पर बसा है. आखिर इनके जीवन में उजाला कब आयेगा, यह एक सवाल बन गया है. वार्ड की तसवीर बता रही है कि होल्डिंग टैक्स देना ही इनके शहरी होने की पहचान है.

फुलवरिया : पौधारोपण को लेकर बीआरसी में बैठक

प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन में प्रखंड के विद्यालय के प्रधानाध्यापकों की बैठक हुई. अध्यक्षता बीइओ कुमारी मणि ने की. शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि विद्यालय प्रांगण में 15 अगस्त के अवसर पर पांच-पांच पौधे लगाने हैं व फोटोग्राफी कर कार्यालय में देना है.

कटेया : बिजली की आंखमिचौनी से परेशानी

बिजली की आंखमिचौनी से कटेया प्रखंड के लोग काफी परेशान हैं. इसके कारण बिजली से संबंधित कार्यों पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. वहीं दूसरी तरफ ऊमस भरी गरमी के कारण बिजली की कमी लोगों को परेशान कर रही है.

कटेया : 24 घंटे का अष्टयाम शुरू

जैतौली के टोला विनौला दलित बस्ती में 24 घंटे का अखंड अष्टयाम शुरू हुआ. महंत चेत दा ने बताया कि भक्तिपूर्ण वातावरण में कलशयात्रा कटेया प्रखंड से होते हुए ऐतिहासिक धुरना कुंड गयी. यहां पर कलश में जल भरने का कार्य पूरा किया गया.

इससे लोगों में काफी उत्साह है.

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