सर्वे के बाद होगी मरम्मत

उम्मीद. सारण मुख्य तटबंध को लेकर विभाग गंभीर निगरानी की जांच के पेच में उलझा था तटबंध गोपालगंज : यह खबर लाखों लोगों के लिए राहत भरी है. आठ वर्षों से मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके सारण मुख्य तटबंध का अब अच्छा दिन आनेवाला है. तटबंध को अब मजबूत बनाया जायेगा. बाढ़ नियंत्रण […]

उम्मीद. सारण मुख्य तटबंध को लेकर विभाग गंभीर

निगरानी की जांच के पेच में उलझा था तटबंध
गोपालगंज : यह खबर लाखों लोगों के लिए राहत भरी है. आठ वर्षों से मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके सारण मुख्य तटबंध का अब अच्छा दिन आनेवाला है. तटबंध को अब मजबूत बनाया जायेगा. बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सारण तटबंध का सर्वे कराने का आदेश दिया है. सर्वे में यह देखा जायेगा कि कहां कैसे मरम्मत करायी जायेगी. तटबंध पर कहां लेबल उठाना जरूरी है. तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इसका सर्वे कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी. रिपोर्ट के बाद से तटबंध की नये तरीके से मरम्मत कर मजबूत कराया जायेगा. प्रभात खबर में छपे समाचार को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है.
ध्यान रहे कि गंडक नदी की बाढ़ से निजात दिलाने के लिए अंगरेजों के द्वारा सारण तटबंध का निर्माण कराया गया था. इस तटबंध से गोपालगंज, सीवान के अलावा यूपी के कुशीनगर जिला भी कुप्रभावित होता है. यूपी के अहिरौलीदान से शुरू होकर सोनपुर तक जानेवाले सारण तटबंध की लंबाई 179 किमी है, जो गोपालगंज के अलावा सारण जिले में फैला हुआ है. यूपी के बॉर्डर से सारण बॉर्डर तक तटबंध की हालत खस्ता है. बांध को चूहों ने कम जर्जर नहीं किया है. बांध को मजबूत बनाने के लिए 2007 में काम कराया गया था. काम में धांधली पर निर्माण एजेंसी के खिलाफ जांच करायी जाने लगी. वर्ष 2007 से निगरानी की जांच चल रही. जांच की रिपोर्ट आज तक बाढ़ नियंत्रण विभाग को नहीं मिला. जांच के कारण बाढ़ नियंत्रण विभाग सारण तटबंध की मरम्मत या किसी तरह का काम कराने से परहेज कर रहा था. इस वर्ष गंडक नदी की बाढ़ से सारण तटबंध पर दबाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग की नींद हराम हो गयी है. यह तटबंध अगर टूटा तो गोपालगंज के साथ सीवान का डूबना भी तय था. विभागीय सूत्रों का मानना है कि निगरानी ने जांच पूरी तो जरूर की. निर्माण एजेंसी को क्लीन चिट दे दिया, लेकिन अपनी रिपोर्ट आज तक बाढ़ नियंत्रण विभाग को नहीं सौंपी. इसके कारण निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया तथा विभाग निगरानी की भी जांच रिपोर्ट का इंतजार अब भी कर रहा है.
नवंबर से शुरू होगा काम
सारण तटबंध की मरम्मत के लिए विभाग से सर्वे कराने का आदेश आया है. नवंबर से यहां सारण तटबंध की मरम्मत का काम शुरू होने की संभावना है. शरत कुमार
कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण विभाग
तटबंध की आठ वर्षों से नहीं हो रही थी मरम्मत

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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