सारण तटबंध की मरम्मत में करोड़ों का हुआ था घोटाला

गंडक नदी की धारा अभी आधा सावन और पूरा भादो तबाही मचाने को तैयार है. ऐसे में सारण मुख्य तटबंध की जर्जर हालत ने विभाग की नींद उड़ा दी है. सारण तटबंध लाखों की आबादी पर बाढ़ का कहर ढाने पर आमदा है. अवधेश कुमार राजन गोपालगंज : सारण मुख्य तटबंध पिछले आठ वर्षों से […]

गंडक नदी की धारा अभी आधा सावन और पूरा भादो तबाही मचाने को तैयार है. ऐसे में सारण मुख्य तटबंध की जर्जर हालत ने विभाग की नींद उड़ा दी है. सारण तटबंध लाखों की आबादी पर बाढ़ का कहर ढाने पर आमदा है.
अवधेश कुमार राजन
गोपालगंज : सारण मुख्य तटबंध पिछले आठ वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहा है. तटबंध की मरम्मत में करोड़ों का वारा-न्यारा हुआ. बांध को आधा-अधूरा ही बना कर छोड़ दिया गया. बांध की मरम्मत में हुई धांधली की जांच के लिए निगरानी को सरकार ने सौंप दिया.
वर्ष 2007 से निगरानी की जांच चल रही है. जांच की रिपोर्ट आज तक बाढ़ नियंत्रण विभाग को नहीं मिली है. जांच के कारण बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सारण तटबंध की किसी तरह की मरम्मत या बचाने के लिए कोई काम नहीं कराया है. इस वर्ष गंडक नदी की बाढ़ से सारण तटबंध पर दबाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग की नींद हराम हो गयी है.
यह तटबंध अगर टूटा, तो गोपालगंज के साथ सीवान का डूबना भी तय है. विभागीय सूत्रों का मानना है कि निगरानी ने जांच पूरी तो जरूर की, निर्माण एजेंसी को क्लीन चिट दे दिया, लेकिन अपनी रिपोर्ट आज तक बाढ़ नियंत्रण विभाग को नहीं सौंपी. इसके कारण निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया तथा विभाग निगरानी की भी जांच रिपोर्ट का इंतजार अब भी कर रहा है.
आधा दर्जन स्थानों पर विभाग की निगरानी
गंडक नदी के सारण तटबंध पर दबाव सबसे अधिक सिपाया, रूपनछाप, अमवा विजयपुर, फैजुल्लाहपुर समेत आधा दर्जन स्थानों पर रिसाव के कारण विभाग की मुश्किल बढ़ती जा रही है. विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं. 15 सितंबर तक सारण तटबंध को लेकर विभाग चिंतित है.
नहीं मिली जांच रिपोर्ट
निगरानी की जांच रिपोर्ट अब तक विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी है. निगरानी जांच के कारण तटबंध की मरम्मत नहीं हो सकी. इस बार विभाग ने गंभीरता से लिया है. ठोस रणनीति तैयार की जा रही है.
शरत कुमार, कार्यपालक अभियंता गोपालगंज
सारण तटबंध से सुरक्षित है लाखों की आबादी
सारण मुख्य तटबंध गोपालगंज ही नहीं बल्कि सीवान के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. यूपी के अहिरौलीदान से शुरू होकर सोनपुर तक जानेवाले सारण तटबंध की लंबाई 179 किमी है जो गोपालगंज के अलावा सारण जिले में फैला हुआ है. सारण जिले में इस तटबंध को मजबूत करते हुए पहले से ही पीचिंग की जा चुकी है, जबकि बैकुंठपुर के इलाके से यूपी के बॉर्डर तक सारण तटबंध की हालत खस्ता है.बांध को चूहों ने भी कम जर्जर नहीं किया है.

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