थाना चौक पर घुटने भर पानी में चलने की विवशता
गंदगी और दुर्गंध दे रही बीमारी को दावत
गोपालगंज : थाना चौक इन दिनों तालाब बना है. यहां वैसे तो सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन लोग घुटने भर पानी में आने-जाने को विवश हैं. पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है. नगर पर्षद यहां की समस्या से अनभिज्ञ बना हुआ है.
राजीवनगर में जलजमाव से चलना हुआ मुश्किल
वार्ड 12 में जलजमाव से राहगीर परेशान : सदर प्रखंड के बंजारी वार्ड नं 12 में सड़क पर हुए जलजमाव से राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क से होकर गुजरनेवाले राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है. वाहनों के आने-जाने में राहगीरों के कपड़े खराब हो जा रहे हैं. इस मार्ग से होकर गुजरनेवाले स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी हो रही है.
बिन माॅनसून बारिश ने बढ़ायी परेशानी, शहर में चलना हुआ मुश्किल
बिन माॅनसून हुई बारिश ने शहर से लेकर एनएच के चौराहा और गांव की सड़कों तक की व्यवस्था की पोल खोल दी है. शहरवासी सड़कों पर जलजमाव के कारण जहां परेशान हैं, वहीं एनएचके कई चौराहों पर चलना मुश्किल हो गया है.
राजीवनगर को जोड़नेवाली सड़क पर परिचालन ठप
अधिवक्ता नगर से राजीवनगर को जोड़नेवाली सड़क पर परिचालन लगभग ठप है. इस सड़क पर एक फुट पानी जमा है. कई लोग अब तक रास्ता मालूम नहीं पड़ने से नाली में गिर कर कीचड़ में सन चुके हैं. मुहल्लावासियों ने कई बार नप को व्यवस्था के लिए सूचित किया, लेकिन स्थिति न बदली. आनेवाले दिनों को लेकर सभी लोगों में चिंता है.
महम्मदपुर का चौराहा बना जलाशय
एनएच 28 स्थित महम्मदपुर मोड़ का चौराहा जलाशय बना है. यहां दो फुट से अधिक पानी जमा है, जिससे होकर लोगों का आना-जाना लगा रहता है. प्रतिदिन दो-चार दुर्घटनाएं होती हैं. इस तरह के हालात सड़क की निर्माण कंपनी की मनमानी के कारण उत्पन्न हुआ है. एक तरफ आवागमन जहां बाधित हो रहा है, वहीं सौ से अधिक लोगों का व्यवसाय चौपट होने के कगार पर है. मोड़ के व्यवसायियों का कहना है कि हालात यही रहे,
तो इस चौराहे पर सवारी गाड़ियों के बजाय नाव का परिचालन करना पड़ेगा. समस्या से निबटने के लिए यहां पर प्रदर्शन भी हो चुका है. लेकिन, स्थिति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है. इस संबंध में बीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इस समस्या से निबटने के लिए प्रयास किया जायेगा.
न सूचना देते हैं और न जमा करते हैं जुर्माना
