लापरवाही. न हुई नाले की उड़ाही, न की गयी जलनिकासी की व्यवस्था
सफाई व्यवस्था और जलनिकासी समेत इस वर्ष नगर पर्षद ने कई योजनाएं बनायीं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा है. शहर की बजबजाती नालियों से न सिर्फ मच्छर और बीमारी में इजाफा हुआ है, बल्कि इस बरसात में शहर के डूबने का भी खतरा मंडराने लगा है.
गोपालगंज : डेढ़ माह बाद माॅनसून आ जायेगा. बारिश का पानी शहर में ही जमा होकर शहर को डूबो देगा. इसका पुख्ता इंतजाम कर रखा है नगर पर्षद ने. कहीं नालियां बजबजा रही हैं, तो कहीं गंदगी का अंबार लगा हुआ है. जलनिकासी की अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. हालात यह है कि शहरवासी गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से परेशान हैं. नप ने शहर की व्यवस्था को सुधारने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की,
लेकिन धरातल पर उतरने के पहले ही सभी ने दम तोड़ दिया है. फिलहाल नप की कोई योजना शहर में नहीं दिख रही है. बरसात आने पर शहर का पानी डैंप कर जायेगा. ऐसे में शहर का जल प्लावित होना लाजिमी है. मॉनसून और आनेवाली बरसात से नगर पर्षद अब तक बेखबर है. ऐसे में शहरवासी वर्तमान के साथ आनेवाली समस्या को लेकर चिंतित हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी. नालों की सफाई एवं उड़ाही की जायेगी. सभी योजनाएं जल्द ही धरातल पर दिखेंगी.
राजीव रंजन प्रकाश, कार्यपालक पदाधिकारी, नप गोपालगंज
