गुहार नहीं, अधिकार से मिलेगा न्याय

पहल . लोक शिकायत अधिकार अधिनियम होगा लागू शिकायतों पर 60 दिनों के भीतर मिलेगा न्याय शिकायत के साथ ही आवेदक को मिलेगी रसीद गोपालगंज : अब गुहार नहीं, फरियादियों को अधिकार से न्याय मिलेगा. फरियादियों को अपनी समस्याओं के निदान को लेकर जनता दरबार में गुहार नहीं लगानी होगी. न्याय के लिए दर-दर की […]

पहल . लोक शिकायत अधिकार अधिनियम होगा लागू
शिकायतों पर 60 दिनों के भीतर मिलेगा न्याय
शिकायत के साथ ही आवेदक को मिलेगी रसीद
गोपालगंज : अब गुहार नहीं, फरियादियों को अधिकार से न्याय मिलेगा. फरियादियों को अपनी समस्याओं के निदान को लेकर जनता दरबार में गुहार नहीं लगानी होगी. न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी. लोगों की समस्याओं का निर्धारित अवधि में निबटारा कर न्याय दिलाये जाने को लेकर सरकार के द्वारा नयी व्यवस्था लागू किये जाने की पहल की गयी है. इसके लिए बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम- 2015 तैयार की गयी है.
क्या है लोक शिकायत निवारण अधिनियम : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम वर्ष 2015 में बनाया गया. इस अधिनियम के तहत फरियादी से परिवाद पत्र प्राप्त करने के साथ ही उन्हें पावती रसीद दी जायेगी. साथ ही निर्धारित समयसीमा 60 दिनों में सुनवाई करते हुए आवेदक को न्याय दिलाये जाने की व्यवस्था की गयी है. यह व्यवस्था जून के पहले सप्ताह से प्रभावी होगी.
कौन होंगे पदाधिकारी : जिला स्तर- जगदीश प्रसाद सिंह (अपर समाहर्ता)
अनुमंडल स्तर- विमल कुमार सिंह (डीसी एलआर ) गोपागलंज
हथुआ अनुमंडल- नुरुल एन (डीसीएलआर) हथुआ
ऐसे करें आवेदन : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार नियमावली के तहत प्रपत्र एक में सादे कागज पर आवेदक आवेदन करेंगे. आवेदन में नाम, पता, मोबाइल नंबर, इ-मेल, आधार कार्ड संख्या के साथ-साथ परिवार पत्र में शिकायत का स्पष्ट उल्लेख करते हुए परिवाद पत्र को प्रभारी पदाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे.
इन माध्यमों से भी दर्ज होगी शिकायत : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत डाक, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, इ-मेल, एसएमएस एवं ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ कॉल सेंटर के माध्यम से शिकायत दर्ज करायी जा सकती है. शिकायत दर्ज होने के साथ ही आवेदनकर्ता को पंजीयन संख्या आवंटित की जायेगी.
सुनवाई कर दिलाया जायेगा न्याय : लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह में सुनवाई की एक तिथि निर्धारित करेंगे, जिसकी सूचना सूचनापट्ट के माध्यम से दी जायेगी. वहीं, शिकायतकर्ता को सुनवाई का नोटिस भी भेजा जायेगा.
दंड व अपील का है प्रावधान : लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत न्याय दिलाने में विलंब करने या उचित न्याय नहीं दिलाये जाने की स्थिति में अर्थदंड का प्रावधान है. प्रथम एवं द्वितीय अपील का प्रावधान भी इस अधिनियम में बनाया गया है. न्याय में विलंब या सुनवाई से इनकार करने की स्थिति में पदाधिकारी पर अर्थदंड अधिनियम की धारा आठ के तहत लगाया जायेगा.
नहीं देना होगा कोई शुल्क : लोक शिकायत निवारण अधिकार नियमावली के तहत शिकायत पत्र जमा करने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा. प्रथम एवं द्वितीय अपील के लिए भी कोई शुल्क नहीं देना होगा. नि:शुल्क आवेदनों की जांच कर फरियादियों को न्याय दिलाया जायेगा.

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