भोरे : भोरे के लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. सरकारी चापाकलों की खराबी व दूषित जल देने के कारण लोग सामान्य हैंडपंपों से निकल रहे मीठा जहर पीने को मजबूर हैं. पेयजल की समस्या से निजात के लिए भोरे में जलमीनार का निर्माण तो कराया गया, लेकिन विडंबना यह रही कि इससे आज तक एक बूंद पानी नहीं टपका.
हाल के कुछ वर्षों से लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. सरकारी हैंडपंपों से भी दूषित जल निकल रहा है. पीएचइडी द्वारा हाल ही में सरकारी चापाकलों की जांच की गयी थी, लेकिन लोगों को यह जानकारी नहीं मिली कि हैंडपंप कितना शुद्ध पानी दे रहा है. भोरे में दूषित जल पीने से अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. करोड़ों की लागत से बनी जलमीनार दिखावा बन कर रह गयी है. पेयजलापूर्ति के लिए सभी वार्डाें में बिछाये गये पाइप अब क्षतिग्रस्त होने लगे हैं.
