गोपालगंज : बदन झुलसानेवाली धूप ने पूरे दिन लोगों को घरों में कैद रहने पर विवश किया. शाम होते ही पछुआ हवा बादल लेकर पहुंची और एकाद बूंदे भी पड़े. उसके बाद धूल भरी तेज आंधी ने तबाही मचा दी. एक दर्जन घर जहां आंधी में गिर गये, वहीं पोल और बिजली के खंभे, पेड़ भी गिरे. कुचायकोट के धूप सागर में आंधी से एक दर्जन घर गिरने की सूचना है, जबकि आम के बगीचे को भी भारी क्षति हुई है.
हालांकि शनिवार को अधिकतम तापमान बढ़ कर 44.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. यह अप्रैल का दूसरा सर्वाधिक तापमान है. औसत से चार डिसे अधिक तापमान. छह अप्रैल से अब तक 13 दिन पारा 42 के ऊपर रहा. हवा में नमी नाममात्र की है. आंधी-पानी का भी नामों निशान नहीं है. फिलहाल गरमी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है. अप्रैल में किसी कदर अप्रत्याशित गरमी पड़ी. इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 21 वर्षों में 12 बार अधिकतम तापमान 43 के ऊपर गया है. इसमें से पांच बार तो अप्रैल में ही ऐसी स्थिति आयी है.
मौसम विभाग ने चार मई तक के लिए जो पूर्वानुमान जताया है उसके अनुसार अधिकतम तापमान 39 से 43 और न्यूनतम 23-26 डिसे के बीच रहेगा. आर्द्रता घट कर 14 पर आ गयी. सुबह सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर पूर्वा हवा चली, तो नौ बजते ही पछुआ हवा ने रुख पकड़ लिया. पछुआ शाम में बादल लेकर आयी, लेकिन लोगों को बहुत राहत नहीं मिल पायी.
