गोपालगंज : सदर प्रखंड के बरइपट्टी गांव में खाना बनाने के दौरान शुक्रवार को भीषण आग लग गयी. आग की लपटें तेज होने के कारण 23 घर जल गये, जबकि आधा दर्जन मवेशी की झुलस कर मौत हो गयी.
आग की चपेट में आने से जलालुद्दीन मियां भी झुलस गये, इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में लाया गया. आग लगने की सूचना मिलने पर गांव में अफरा-तफरी मच गयी. ग्रामीणों ने बॉल्टी में पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया. उधर, जादोपुर पुलिस की सूचना पर दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गयी. ग्रामीणों के प्रयास से चार घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका. अगलगी की घटना में जमाल मियां, जलालुदीन, जंग साह, रामायण साह, बाबू लाल साह, रजाक मियां, राजेंद्र बैठा, शिवजी साह, पृथ्वी नाथ राय, रामजी राय, बली बैठा, सोमारी बैठा व बच्चा बैठा का घर जल कर राख हो गया.
इस अगलगी की घटना में 50 हजार नकदी समेत 20 लाख की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान बताया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि दिन में खाना बनाने के दौरान चिनगारी से अचानक आग लग गयी. पछुआ हवा के कारण आग की लपटें तेज हो गयी. इससे एक- एक कर 23 घर जल गये. मौके पर अरुण कुमार ने पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया. वहीं आग बुझाने में सुभाष राय, अनिष राय, सनी शर्मा, मंजूर आलम, राहुल इत्यादि ने आग बुझाने में साथ दिया.
प्रशासन की ओर से अगलगी की घटना के बाद क्षति का आकलन कराया गया.अगलगी से बचाव को लेकर खेत-खलिहानों में धारा 144 :बैकुंठपुर. स्थानीय थाना क्षेत्र के आमजन को अगलगी से बचाव को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. बताया गया कि खेत-खलिहानों में आग लगाने पर कानूनी तौर पर रोक लगा दी गयी है. प्रशिक्षण में सीओ इंदु भूषण श्रीवास्तव ने लोगों को अगलगी से बचाव के लिए आवश्यक बातें बतायीं. ग्रीष्म काल में खेतों मे जंगल जलाने पर धारा 144 लगा दी गयी है. लापरवाही से सचेत रहने की बातें बताते हुए बचाव के आवश्यक टिप्स बताये गये.
