एनएच 28 के किनारे छोड़ी गयी मिट्टी ने बढ़ायी परेशानी

उफ ये धूल! कहीं बन न जाये शूल धूल भरी हवा से सड़क पर चलना हुआ दुश्वार विभिन्न अस्पतालों में सांस व नेत्र रोग के बढ़ रहे मरीज गोपालगंज : धूल भरी हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. इसकी वजह से शहरवासी आये दिन सांस व नेत्र रोग की चपेट में आ रहे […]

उफ ये धूल! कहीं बन न जाये शूल

धूल भरी हवा से सड़क पर चलना हुआ दुश्वार
विभिन्न अस्पतालों में सांस व नेत्र रोग के बढ़ रहे मरीज
गोपालगंज : धूल भरी हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. इसकी वजह से शहरवासी आये दिन सांस व नेत्र रोग की चपेट में आ रहे हैं. दरअसल, एनएच 28 के किनारे निर्माण एजेंसियों ने बालू और मिट्टी सड़क पर छोड़ दी है.
चल रही पछुआ हवा की वजह से यह वातावरण में फैल रहा है. यह सांस की बीमारियों की वजह बन रहा है. आंख में जाने पर नेत्र दोष पैदा करता है. बंजारी से लेकर मिर्जापुर तक हाइवे पर दोपहिया वाहन लेकर चलना कठिन हो गया है.
क्या कहते हैं चिकित्सक : सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमर कुमार बताते हैं कि गरमी में धूल मिट्टी से सेहत पर बुरा असर पड़ता है. एलर्जी के कारण सांस के साथ-साथ आंखों में जलन, दर्द, आंखें लाल होना आदि की शिकायत बढ़ जाती है. धूल के कण रेटिना को नुकसान पहुंचाते हैं. ये आंखों में इनफेक्शन की वजह भी बनते हैं.
क्या कहते हैं मरीज :सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे रामपुर के रामचंद्र सहनी, बंजारी के सुरेश प्रसाद, जादोपुर के महेश भगत आदि बताते हैं कि वातावरण में धूल-कण व धुएं की मात्रा बढ़ने की वजह से हमलोग सांस की बीमारी से ग्रसित हो गये हैं.

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