चाकूबाजी में आरोपित को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा

गोपालगंज : घटना के 11 साल बाद गोपालगंज की एक अदालत ने मारपीट एवं चाकूबाजी के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपित को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड जमा होने के बाद इस पैसे को चाकूबाजी में घायल व्यक्ति को दे दिया […]

गोपालगंज : घटना के 11 साल बाद गोपालगंज की एक अदालत ने मारपीट एवं चाकूबाजी के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपित को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है.
अर्थदंड जमा होने के बाद इस पैसे को चाकूबाजी में घायल व्यक्ति को दे दिया जायेगा. एडीजे आठ शोभाकांत मिश्रा की अदालत ने फैसला देते हुए मुख्य आरोपित को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही जेल भेज दिया. वहीं तीन आरोपितों को प्रोबेशन बॉड भरवाने के बाद छोड़ दिया. मामले में सरकार की तरफ से एपीपी अशोक कुमार गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष अपनी दलील रखी.
घटना मीरगंज थाना क्षेत्र के सवरेजी गांव की है. रामायण चौधरी को चार सितंबर, 2005 की शाम पड़ोसियों ने हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया था. इस मामले में घायल की पत्नी शिवकली देवी ने मीरगंंज थाने में कांड संख्या 207/05 दर्ज कराया था.
इसमें धनंजय चौधरी, नीतू देवी, शांति देवी तथा विश्वनाथ चौधरी पर लाठी-डंडे, चाकू व फरसा से हमला करने का आरोप लगाया था. 11 साल बाद न्यायालय ने मुख्य आरोपित धनंजय चौधरी को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी. वहीं अन्य आरोपितों नीतू देवी, शांति देवी एवं विश्वनाथ चौधरी को छह माह की सजा सुनायी. कोर्ट ने विश्वनाथ चौधरी को काफी बुजुर्ग, शांति एवं नीतू देवी को महिला होने के कारण बॉड भरने के बाद रिहा कर दिया.

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