एलएनएमयू के कुलपति डॉ साकेत कुशवाहा को मिली राहत, कोर्ट ने कहा सही है डिग्री

एलएनएमयू के कुलपति डाॅ साकेत कुशवाहा को मिली राहत, कोर्ट ने कहा सही है डिग्रीविधि संवाददाता, पटनाललित नारायण मिथिला विवि दरभंगा के कुलपति डाॅ साकेत कुशवाहा को गुरुवार को बड़ी राहत मिली जब पटना उच्च न्यायालय ने उनकी डिग्री को सही करार दिया. जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी की कोर्ट ने इस संबंध में अपना फैसला […]

एलएनएमयू के कुलपति डाॅ साकेत कुशवाहा को मिली राहत, कोर्ट ने कहा सही है डिग्रीविधि संवाददाता, पटनाललित नारायण मिथिला विवि दरभंगा के कुलपति डाॅ साकेत कुशवाहा को गुरुवार को बड़ी राहत मिली जब पटना उच्च न्यायालय ने उनकी डिग्री को सही करार दिया. जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी की कोर्ट ने इस संबंध में अपना फैसला सुना दिया है. कुलपति की डिग्री को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी थी और कहा गया था कि डा साकेत कुशवाहा के पास कुलपति बनने योग्य डिग्री नहीं है. इस आधार पर उनकी नियुक्ति को चुनौती देते हुए रद्द करने की मांग की गयी थी. लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट के फैसले से कुलपति को बड़ी राहत मिली है. नलकूपों की खराबी दूर करने के लिए सरकार को मिली मोहलत, अब 11 अप्रैल को सुनवाई : पटना उच्च न्यायालय ने राज्य की नलकूपों की खराबी दूर करने के लिए अधिकारियों को पांच दिनों की ओर मोहलत दी है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह की कोर्ट ने गुरुवार को इसकी सुनवाई की. सुनवाई के दौरान उर्जा और लघु सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव उपस्थित हुए. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल निर्धारित की है.महिला कैदियों की स्थिति पर अब पांच मई को सुनवाई : पटना उच्च न्यायालय में गुरुवार को जेलों में बंद महिला कैदियों की स्थिति के बारे में सुनवाई हुई. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य महकमें के प्रधान सचिव आरके महाजन मौजूद थे. कोर्ट ने इस मामले में अब तक किये गये उपायों की बिंदूवार जवाब देने के लिए पाच मई को सुनवाई निर्धारित की है. वैशाली के महुआ बस स्टैंड हटाने मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को : पटना उच्च न्यायालय ने वैशाली जिले के महुआ बस स्टैंड को हटाने को लेकर दायर याचिका की सुनवाई की. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह की कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में याचिकाकर्ता और सरकारी वकील के तर्क सुने. अब इसकी अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी. कोर्ट ने सरकारी वकील को बिंदुवार जवाब मांगा है.

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