सुबह 6 बज कर 9 मिनट से 6 बजे कर 48 मिनट तक रहेगा
गोपालगंज : खंडग्रास सूर्यग्रहण बुधवार को लग रहा है. ग्रहण का स्पर्श सुबह 6 बज कर 9 मिनट पर और मोक्ष 6 बज कर 48 मिनट पर होगा. सूर्यग्रहण में सूतक 12 घंटे पहले लग जाते हैं. सूतक काल में जहां देव दर्शन वर्जित है, वहीं मंदिरों के पट भी बंद कर दिये जाते हैं. मंदिरों के पट भी बंद कर दिये जाते हैं.
इसलिए बुधवार को मंदिरों के पट सुबह आठ बजे खुलेगा. डॉ पंकज शुक्ला की मानें, तो थावे मंदिर समेत सभी मंदिरों पर, नारायणी नदी के किनारे इस दिन राहु, केतु व सूर्य के मंत्र का जप करने से सिद्धि प्राप्त होती है और ग्रहों का दुष्प्रभाव भी खत्म हो जाता है.ऋषि-मुनियों ने सूर्यग्रहण लगने के समय भोजन करने के लिए मना किया है. उनकी मान्यता थी कि ग्रहण के समय कीटाणु बहुलता से फैल जाते हैं. खाद्य वस्तु, जल आदि में सूक्ष्म जीवाणु एकत्रित होकर उसे दूषित कर देते हैं.
-घर की साफ-सफाई करें
-पूजा-पाठ करें
-गर्भवती सूर्यदेव की उपासना करें
-जमीन पर बैठ कर प्रभु का चिंतन करें
-ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें
कुछ मीठा बना कर भगवान को भोग लगाएं
-ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न व जरूरतमंदों को वस्त्र दान से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है.
ग्रहण को लेकर हैं भ्रांतियां
लोगों में ग्रहण को लेकर काफी भ्रांतियां हैं. लोगों का कहना है कि ग्रहण लगते ही सूतक लग जाता है, इसलिए ग्रहण के दौरान कुछ चीजें नहीं करनी चाहिए. पं डॉ विजय ओझा इस बात को सही ठहराते हैं. वे ग्रहण के दौरान कुछ करने और कुछ न करने की सलाह देते हैं.
ग्रहण के दौरान क्या न करें
-सोये न रहें
-मंदिरों या घर में मूर्ति पूजा न करें
-घर से बाहर न निकलें
-गर्भवती घर के बाहर न तो निकले और न ही कुछ खाये.
-न तो किसी से झगड़ा करें और न ही किसी से परिहास करें
-जीव-जंतु या किसी की हत्या न करें
