Gopalganj News (गोपालगंज से सत्येंद्र पांडेय की रिपोर्ट): गोपालगंज के चर्चित भू-माफिया गंग दयाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार दुबे की अदालत ने गंग दयाल की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने अभियुक्त के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और वारदातों की गंभीरता को देखते हुए उसे राहत देने से साफ इनकार कर दिया. अब जमानत के लिए माफिया को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा.
अभियोजन की तीखी दलील, समाज के लिए घातक है ऐसा अपराधी
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी संतोष सिंह ने कोर्ट के सामने माफिया के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया. उन्होंने दलील दी कि गंग दयाल यादव एक आदतन अपराधी है और उसका बाहर रहना समाज की शांति के लिए घातक सिद्ध हो सकता है. दूसरी ओर, बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित मामला बताते हुए जमानत की गुहार लगाई, जिसे अदालत ने केस की गंभीरता को देखते हुए सिरे से खारिज कर दिया.
50 लाख की रंगदारी और जमीन कब्जाने का है गंभीर आरोप
बता दें कि उचकागांव थाना क्षेत्र के नरकटिया निवासी शैलेंद्र कुमार सिंह ने नगर थाने में गंग दयाल यादव और उसके बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आरोप के मुताबिक, इन लोगों ने मकान सहित जमीन बेचने का दबाव बनाया और बात न मानने पर 50 लाख रुपये की मोटी रंगदारी की मांग की. इसी मामले में नगर थाने की पुलिस ने 7 अप्रैल की रात बंजारी स्थित आवास से माफिया को दबोचा था.
पुलिस की सख्ती, कोर्ट में मौजूद रहे वरीय अधिकारी
इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में वरीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी ने प्रशासन की सख्ती का संकेत दिया. पुलिस ने इस मामले में पुख्ता साक्ष्य जुटाए हैं, जिसके आधार पर कोर्ट ने उसे आदतन माफिया करार दिया. फिलहाल माफिया जेल की सलाखों के पीछे ही रहेगा, जिससे जमीन से जुड़े विवादों में घिरे पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली है.
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