उम्र के आखिरी पड़ाव में पति-पत्नी हुए एक

जिला जज की अदालत में पहुंचा था दंपती का मुकदमा मध्यस्थता के जरिये खत्म हुआ मामला, घर पहुंचे दंपती गोपालगंज : पारिवारिक विवाद ने पति-पत्नी के रिश्तों में जहर घोल दिया था. पति-पत्नी एक-दूसरे पर मुकदमे को लेकर कोर्ट का चक्कर लगाते रहे. एक दशक तक मुकदमा लड़ने के बाद दोनों थक चुके थे. उम्र […]

जिला जज की अदालत में पहुंचा था दंपती का मुकदमा

मध्यस्थता के जरिये खत्म हुआ मामला, घर पहुंचे दंपती
गोपालगंज : पारिवारिक विवाद ने पति-पत्नी के रिश्तों में जहर घोल दिया था. पति-पत्नी एक-दूसरे पर मुकदमे को लेकर कोर्ट का चक्कर लगाते रहे. एक दशक तक मुकदमा लड़ने के बाद दोनों थक चुके थे. उम्र के आखिरी पड़ाव में मुकदमा खत्म कराना चाहते थे. लेकिन, दोनों के बीच विवाद के कारण दूरियां इस कदर बढ़ गयी थी कि एक – दूसरे को देखना भी नहीं चाहते थे. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील दत्त मिश्र की अदालत में इनका मुकदमा पहुंचा.
सुनवाई के दौरान जिला जज ने दोनों के मामले को मध्यस्थता कोर्ट में भेज दिया. मध्यस्थता के जरिये कोर्ट ने शनिवार को पति-पत्नी को मिला दिया. दोनों के बीच वर्षों से बढ़ी दूरियां को मिटा कर एक साथ रहने की मुहर लगायी गयी. पति-पत्नी ने भी अपनी-अपनी गलतियां मान कर समझौता स्वीकर किया. उचकागांव थाने के वृंदावन गांव के 70 वर्षीय भीमबली राम का अपनी पत्नी भांगी देवी से दस वर्ष पूर्व विवाद हो गया था. पत्नी ने कोर्ट में मुकदमा किया था. उम्र के आखिरी पड़ाव में ससुराल से अपने मायके आ गयी. महिला ने कोर्ट में मुकदमा कराने के बाद न्याय की गुहार लगायी. मध्यस्थता के वकील प्रवीण चंद्र सिंह और देवेंद्र पांडेय ने दोनों को अलग- अलग समझाया. इसके बाद मध्यस्थता शिविर में आमने-सामने बैठा कर मामले को सुलझाया गया.

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