कृषि कार्यालय में सन्नाटा रातों-रात भागी एजेंसी

गोपालगंज : कृषि कार्यालय को खाली कर रातों-रात यहां से कारखाना लेकर एजेंसी फरार हो गया. यह सब कुछ ‘प्रभात खबर’ ने जब 21 फरवरी के अंक में कृषि कार्यालय या कारखाना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया. समाचार छपने के बाद अधिकारियों की नजर पड़े, इससे पहले कारखाना को समेट कर एजेंसी फरार हो गया. […]

गोपालगंज : कृषि कार्यालय को खाली कर रातों-रात यहां से कारखाना लेकर एजेंसी फरार हो गया. यह सब कुछ ‘प्रभात खबर’ ने जब 21 फरवरी के अंक में कृषि कार्यालय या कारखाना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया. समाचार छपने के बाद अधिकारियों की नजर पड़े, इससे पहले कारखाना को समेट कर एजेंसी फरार हो गया.
ध्यान रहे कि नियम व कायदे-कानून को ताक पर रख कर सरेआम पिछले डेढ़ माह से यहां कृषि विभाग के पुराने कार्यालय में गोदाम तथा परिसर में कारोबार खोल कर शान से चलाया जा रहा था. सूत्रों की मानें, तो जिले में सिडविन (कोठिला) बनानेवाले आधा दर्जन उद्योग हैं, जो कृषि विभाग से रजिस्टर्ड हैं.
इस बार जिले के उद्योग वालों को दरकिनार करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने पटना के विक्रम के रहनेवाले सुमंत एग्रो इंटरप्राइजेज के दिनेश कुमार से सेटिंग की. इसके तहत कृषि विभाग के भवन को कारोबार के लिए उपलब्ध करा दिया गया था.
सदन में उठेगा पूरा मामला
भाजपा विधायक सुबास सिंह ने कहा है कि कृषि कार्यालय को कैसे निजी फर्म के लिए दिया गया और उसमें कारखाना किसकी अनुमति पर खोला गया.
मामला विधानसभा में उठाया जायेगा कि लोग विभाग को अपनी संपति समझते हैं. इसकी जांच कर कार्रवाई की जायेगी. विभाग के अनुदान की राशि में बंदरबांट की जा रही है. कृषि पदाधिकारी के कार्यकाल में कराये गये तमाम योजनाओं की जांच करायी जाये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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