मतदाता बनने की फिराक में हैं संदिग्ध युवक

मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए किया जा रहा प्रयास खुफिया विभाग ने गृह विभाग को रिपोर्ट भेज जतायी चिंता गोपालगंज : गांव में मतदाता बनने की फिराक में संदिग्ध लगे हुए हैं. खास कर नेपाल और यूपी से जुड़े बाॅर्डर के इलाके में मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए बड़े पैमाने पर […]

मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए किया जा रहा प्रयास

खुफिया विभाग ने गृह विभाग को रिपोर्ट भेज जतायी चिंता
गोपालगंज : गांव में मतदाता बनने की फिराक में संदिग्ध लगे हुए हैं. खास कर नेपाल और यूपी से जुड़े बाॅर्डर के इलाके में मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की गयी है. बीएलओ से संपर्क में भी संदिग्ध लोग हैं. भारत का मतदाता बन कर नागरिकता हासिल करते ही देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं. यूपी के सीमावर्ती इलाका कुशीनगर से पाक से जुड़े जासूस रिजवान की गिरफ्तारी के बाद देश की एक खुफिया एजेंसी ने यूपी और बिहार के बॉर्डर इलाके पर काम करने के बाद गृह विभाग को गोपनीय रिपोर्ट भेज कर गंभीर चिंता जतायी है.
खुफिया सूत्रों की मानें तो गोपालगंज, सीवान, कुशीनगर, देवरिया, सारण में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी युवक खुद को पूर्णिया और किशनगंज का निवासी बता कर यहां रह रहे हैं. कहीं तालीम देने का बहाना है, तो कहीं धर्म गुरु बने हुए हैं. पिछले दो वर्षों में गोपालगंज जिले में 182 संदिग्ध रह रहे हैं, जिनकी भूमिका संदेह के घेरे में है. ये लोग स्थानीय लोगों का सानिध्य प्राप्त कर अपना नाम वोटरलिस्ट में जोड़वाने की तैयारी में हैं. सारण और सीवान में लगभग 150 लोगों के नाम जुड़ चुके हैं.
सूत्रों की मानें, तो गोपालगंज में कई लोग मतदाता बन चुके हैं. बता दें कि पिछले तीन वर्षों से कुशीनगर में रिजवान भी एक मदरसे में शिक्षक के रूप में काम कर चुका था. रिजवान की गिरफ्तारी के बाद देश भर की खुफिया एजेंसियां बॉर्डर इलाके को खंगालने में जुटी हैं. रिजवान के रिश्तों और उसके नेटवर्क को जहां एसआइटी की टीम खंगाल रही है, वही खुफिया रिपोर्ट ने सरकार को तत्काल इस दिशा में ठोस कदम उठाने को कहा है. हालांकि गोपालगंज के कोई भी पुलिस अधिकारी इस संदर्भ में कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं.

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